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भगवान कृष्ण ने भी अपने पूर्वजों को किया तर्पण, सफेद वस्त्र किये धारण

भगवान कृष्ण ने भी अपने पूर्वजों को किया तर्पण, सफेद वस्त्र किये धारण

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पन्ना. पितृ तर्पण के लिए सनातन धर्म में पितृ पक्ष का खास महत्व है। मान्यता है कि जो व्यक्ति इन सोलह दिनों में अपने पितरों की मृत्यु तिथि के मुताबिक तर्पण करता है। उसे पितरों का आशीर्वाद मिलता है। ऐसे व्यक्ति से उसके पितृ प्रसन्न‌ होकर उसके जीवन की सभी अड़चनों को दूर करते हैं। यह मान्यता इंसानों के साथ साथ भगवान भी मानते हैं। पन्ना में भगवान जुगल किशोर ने भी सफेद वस्त्र धारण कर अपने पूर्वजों को तर्पण किया।

मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पितर पक्षो का बड़ा महत्व माना जाता है क्योंकि यहाँ इंसानों के साथ साथ भगवान जुगलकिशोर सरकार भी अपने पूर्वजों को पितर पक्ष में सफेद वस्त्र धारण कर अदृश्य रूप में तर्पण करते हैं। इन दिनों भगवान श्री जुगलकिशोर सफेद पोशाक में रहते हैं। उनके पास पूजन सामग्री रखी जाती है। भगवान जुगलकिशोर सरकार भी अपने पूर्वजों के लिए सफेद वस्त्र धारण कर 16 दिनों तक तर्पण करते हैं।यह परंपरा भी सालों से चली आ रही है। इसलिए पन्ना जिले में पितर पक्ष का बड़ा महत्व माना जाता है।

हिन्दू पंचाग के अनुसार भाद्र मास मे शुक्ल पक्ष की पुर्णिमा से प्रारम्भ होता है और अमाबस्या मतलब 15 दिन तक 16 तिथियो में पूर्ण होता है। पृथ्वी मे 14 लोक है और 14 लोक मे एक लोक पित्र लोक भी है। बताते हैं इन 16 दिनो मे पित्र लोक पृथ्वी के सबसे अधिक निकट आ जाता है। जिससे पृथ्वी पर रहने बाले पितर चलायमान हो जाते है और धरती पर आते हैं जिसे पित्र पक्ष कहा जाता है। ऐसे में पित्रों को उनके बंशज आदि पानी भोजन की व्यवस्था करते है। जिससे उनको मोक्ष की प्राप्ति होती है। पूरे 15 दिन तक चलने बाले पक्ष मे बंशज अपने अपने पूर्वजों को याद करते है। पन्ना के इस झीलनुमा तालाब धरम सागर मे पूरे पन्ना नगर के लोग शामिल होते है और विधि विधान से अपने पूर्वजों को तर्पण करते हैं।

मंदिरों की नगरी पन्ना में इंसानों के साथ साथ हिन्दू धर्म मे अपने पितरो यानी पूर्वजों को 16 तक जलाशयों में पानी देकर वेदमंत्रों से आह्वान किया जाता है। इन 16 दिनों में लोग दान पुन्न ब्राह्मण भोजन कन्या भोजन आदि पुन्न के कार्य करते हैं ताकि उनके पूर्वजों को याद किया जा सके। इसी के साथ गाय ,कौवा, कुत्तों सहित कीट पतंगों को भी अर्क रूपी भोजन कराया जाता है। लोग इन दिनों में कच्चा भोजन जैसे कड़ी ,बरा ,भात,अठवाई का उपयोग करते हैं।