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बुंदेली उत्सव में कलाकारों ने दी एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां

पन्ना शहर में 9 व 10 सितंबर 2018 को दो दिवसीय बुंदेली उत्सव के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें आस-पास के जिले से कई कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतिंया दी।

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Marvelous performance by artists in bundeli utsav

Marvelous performance by artists in bundeli utsav

पन्ना. बुदेलखंड की पवित्र धार्मिक नगरी पन्ना में दो दिवसीय बुंदेली उत्सव का आयोजन 9 व 10 सितंबर 2018 को शहर के संकल्प गार्डन में किया गया। बुंदेलखंड का पन्ना जिला जहां धार्मिक आयोजनों के ऐतिहासिक कार्यक्रमों के रुप में पहचान रखता है। वहीं बुंदेलखंड में मनाएं जाने वाले त्योहारों व रीति रिवाज के लिए भी लोकप्रिय है। लोगों का कहना है कि कि बुंदेली क्षेत्र के लोकगीत, लोकनृत्य दुनियां भर के लोग पंशंद करते है।
इसी बुंदेली इतिहास से जुडी हुई लोककथाओं, लोककृतियों, लोकनृत्य व अन्य तमाम विधाओं को जीवांत रखने के लिए शहर के समाजसेवी संस्थानों के द्वारा ऐसे उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय बुंदेली उत्सव में नगर की समाजसेवी संस्था खेरमाई दुर्गा उत्सव समिति सांस्कृतिक कार्यक्रम संघ की ओर से नगर के संकल्प गार्डन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दो दिवसीय बुंदेली उत्सव का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जिले भर के करीब आधा सैकड़ा कलाकारों ने अपनी-अपनीकला का प्रदर्शन किया। कलाकारों द्वारा कार्यक्रममें दी गईं एक से बढक़र एक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम के समापन पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को आयोजक संस्था की ओर से स मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में पन्ना, दमोह, अजयगढ,धरमपुर, नयागॉव बरियारपुर, पहाडीखेरा, सबदुआ, कुवंरपुर, अमानगंज, इत्यादी गॉवों ओैर शहरों से प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में कलाकारों ने बुंदेली संस्कृति, कला और परंपराओं पर आधारित एक से बढक़र एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। दो दिन तक चले इस आयोजन में करीब आधा सैकड़ा प्रस्तुतियां दी गईं।
जिनमें दो सैकड़ां से भी अधिक बुंदेलखंड और बघेलखंड के कलाकारों ने हिस्सा लिया। जिनकी प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा। इस अवसर पर अतिथियों ने कहा, बुन्देलखंड,समूचे हिन्दुस्तान में साहित्य एवं कला के लिऐ जाना जाता है। यहॉ की धरती अपने आप में इतिहास संयोज हुए है। इसके बाद भी यह इलाक पिछड़ा हुआ है। यहां की लोक कलाएं और लोक गाथाएं प्रसिद्ध है।
इसके वाद भी बुन्देलखंड के रहवाशियों को वह सब नहीं मिल पा रहा जिसके वो हकदार है। बुन्देलखंड की विरासत , बुन्देलखंड का इतिहास , यहां की कला को बचाने के लिऐ बुन्देली उत्सव का अयोजन किया गया । इस तरह के आयोजन से स्थानिय कलाकारों को अपनी कला दिखाने का जो अवसर मिला है, उससे कलाकारों ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। संस्था के राजेंद्र नामदेव ने कहा, कला के संरक्षण एवं सवंर्धन के लिए इस तरह के आयोजन को सतत करते रहने की जरूरत है। हमारे जो लोक कलाकार है। उनकों आगे लाना हमारा कर्तव्य है। हम अपने कलाकारों को उचित मंच प्रदान कर उनकी प्रतिभा को निखारने का प्रयास कर रहे है । समाजसेवी मनोज केशरवानी ने कहा, जिस तरह भोजपुरी इंडस्टी ने आज बॉलीबुड की तर्ज पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उसी तर्ज पर बुन्देलीबुड फिल्म इंन्डस्टी को खडा किया जाऐ, इस्से यहा हजारो लोगोंको रोजगार उपलब्ध होगा तथा यहा के कलाकार देश विदेश में अपना नाम कमाने के साथ साथ बुन्देलखंड का नाम रोशन करेंगें।