
Monitoring of elephants in Shahdol with night vision drone
पन्ना. छत्तीसगढ़ से आकर शहडोल जिले के गंावों में उत्पाद मचा रहे हाथियों की निगरानी पन्ना नेशनल पार्क के नाइट विजन ड्रोन कैमरे से की जा रही है। दिनभर आराम करने के बाद हाथियों का झुंड रात में जंगल से लगे गांवों में घुसकर उत्पाद मचा रहा है। यह झुंड पांच लोगों को कुचलकर मार चुका है। इसके बाद हाथियों के रात के मूवमेंट की निगरानी करने के लिए शहडोल वन मंडल के अधिकारियों ने पन्ना नेशनल पार्क प्रबंधन ने नाइट विजन ड्रोन कैमरे की मांग की थी। जिसपर प्रबंधन की ओर से ड्रोन और ऑपरेटर को तीन दिन के लिए शहडोल भेजा गया है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के रास्ते जंगली हाथियों का झुंड प्रदेश के शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी और सीधी जिले में पहुंचते हैं। शहडोल के ब्यौहारी और जयसिंहनगर में पिछले 10 दिन से जंगली हाथियों का एक झुंड उत्पात मचा रहा है। अब तक पांच लोगों को इस झुंड ने कुचलकर मार दिया है। शहडोल वन विभाग के अनुसार हाथियों का झुंड दिनभर आराम करने के बाद शाम को 6 से सुबह 6 बजे तक सक्रिय रहता है। हाथियों का झुंड रात में जंगल से लगे गांवों में पहुंचकर तोडफ़ोड़ कर रहा है। इनकी निगरानी के लिए वन विभाग के पास स्थायी संसाधन ही नहीं हैं। मॉनीटरिंग में जुटे अधिकारी मानते हैं कि टार्च की रोशनी पड़ते ही हाथी हिंसक हो जाते हैं इसलिए बचाव के लिए आवाज से हाथियों का मूवमेंट समझना पड़ता है। रात में हाथियों का मूवमेंट पता नहीं चल पाता है। विभाग ने पांच ग्रामीणों की मौत के बाद रात में निगरानी के लिए पन्ना से उधार में नाइट विजन ड्रोन कैमरा मांगा था।
ड्रोन और ऑपरेटर दोनों को भेजा शहडोल
पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रिपुदमन सिंह ने बताया, शहडोल वन मंडल की मांग पर पन्ना टाइगर रिजर्व का नाइट विजन ड्रोन कैमरा और उसके ऑपरेटर को तीन दिन के लिए शहडोल भेज दिया गया है। जहां ड्रोन हाथियों पर नजर रख रहा है। नाइट विजन ड्रोन मिलने के बाद से वन शहडोल के वन विभाग को हाथियों पर नजर रखने में काफी सुविधा हो रही है।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत हो रही ड्रोन से निगरानी
गौरतलब है कि पन्ना नेशनल पार्क में फिलहाल सामान्य ड्रोन कैमरे के साथ ही नाइट विजन ड्रोन कैमरे के माध्यम से भी जंगल और वन्यप्राणियों की निगरानी की जा रही है। यह सुविधा पायलट प्रोजेक्ट के तहत सिर्फ पन्ना नेशनल पार्क में शुरू की गई थी। इनके कारण रात के अंधेरे में होने वाला अवैध कब्जा, जंगलों में अवांक्षित मानवीय हलचल, पेड़ों की कटाई और शिकार जैसी गतिविधियों का प्रभावी अंकुश लगा है। जिसके उत्साहजनक परिणामों के बाद अब अन्य टाइगर रिजर्वों में भी निगरानी के लिए ड्रोन दिया जाना प्रस्तावित है।
Published on:
13 Apr 2022 12:00 am
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