mp news: मुंबई में बॉलीवुड (Bollywood) फिल्मों के लिए कहानियां लिखने वाले सौरभ भट्ट की मौत पर बवाल मच गया है। परिजनों ने आरोप लगाए कि मौत के बाद भी अस्पताल ने उन्हें जिंदा बताकर रेफर किया।
death of Bollywood writer Saurabh Bhatt : बॉलीवुड फिल्मों के लिए कहानियां लिखने वाले युवा कहानीकार सौरभ भट्ट की हार्ट अटैक से मौत के मामले में परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि अस्पताल में ड्रिप लगाते ही उनका चेहरा काला और छाती पर चकत्ते पड़ गए थे। इस दौरान चिकित्सक उन्हें छोड़कर खाना खाने चले गए, लौटे तो सौरभ की सांस थम चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी ऑक्सीजन लगाकर रेफर कर दिया गया। परिजन 2 घंटे में पन्ना से बिरला हॉस्पिटल सतना पहुंचे तो चिकित्सकों ने बताया, इनकी तो ढाई से तीन घंटे पहले ही मौत हो गई है।
सौरभ की मां साहित्यकार सुधा तैलंग पुराने महल के पास अजयगढ़ में रहती हैं। सौरभ उनका इकलौता बेटा था। सुधा तैलंग ने बताया कि वह मुझसे मिलने अजयगढ़ आया था। घर में रिनावेशन चल रहा था तो एक दिन ठहर गया। सौरभ 15 अप्रेल 25 को शाम 7 बजे अजयगढ़ से भोपाल के लिए कार से रवाना हुए। लेकिन पन्ना पहुंचने के पहले ही उनकी तबियत खराब हो गई। सौरभ के कहने पर चालक ने मैस्कॉट हॉस्पिटल पन्ना में भर्ती करवाया और हमें सूचना दी।
सुधा ने आरोप लगाया कि जब हम हॉस्पिटल पहुंचे तो सौरभ होश में था लेकिन, ड्रिप लगाने के बाद उसकी तबियत बिगड़ने लगी। चेहरा काला और छाती पर चकत्ते आ गए। मरीज गंभीर होने के बाद भी डॉक्टर उसे छोड़कर खाना खाने चले गए थे, स्टॉफ भी बुलाने के बाद नहीं आया। जब डॉक्टर आए तो स्टॉफ ने पंप किया पर कोई रेस्पॉन्स नहीं मिला। हमें गंभीर हालत बताकर ऑक्सीजन लगा रेफर कर दिया और सतना ले जाने का परामर्श दिया। ऑक्सीजन रिटर्न हो रही थी तो हमें आशंका हुई पर हमें उम्मीद थी। हम अपने वाहन से लेकर दो घंटे में बिरला हॉस्पिटल सतना पहुंचे। जहां चिकितसकों ने प्राथमिक जांच के बाद ही सौरभ को मृत घोषित कर दिया। बोले- इनकी मृत्यु तो ढाई से तीन घंटे पहले हो चुकी है।
मृतक सौरभ भट्ट की मां और साहित्यकार ने कहा कि मेरे बेटे की मौत गलत इलाज से मैस्कॉट हॉस्पिटल पन्ना में हो गई थी। पर चिकित्सक ने मौत के बाद भी रेफर कर दिया। मैं मुयमंत्री से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाउंगी, जिससे फिर किसी मां की कोख सूनी न हो।' इस पर मैस्कॉट हॉस्पिटल के डॉ जागृति सिंह ने कहा कि मरीज की हालत गंभीर थी। उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। हालत गंभीर होने पर रेफर किया गया था। परिजनों के आरोप गलत हैं।
बिरला हॉस्पिटल के चिकित्सकों का जवाब सुनकर परिजन फिर मैस्कॉट हॉस्पिटल पहुंचे। चिकित्सकों से मिलकर नाराजगी जताई और मौत के बाद रेफर करने की वजह पूछी। पर प्रबंधन से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। फिर मैस्कॉट प्रबंधन ने 15 अप्रैल रात 11:50 बजे मौत का सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया, जिसमें मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट लिखी है।
सुधा तैलंग ने बताया, इकलौता बेटा सौरभ मेरे दो भाईयों पदमश्री स्व सुधीर तैलंग कार्टूनिस्ट और राजेश तैलंग से प्रभावित था। लिखने-पढ़ने का शौक उसे शुरू से ही था। वह अपने मामा लोगों से खासा प्रभावित होने की वजह से मुबंई का रुख कर लिया। मुबंई-भोपाल रहकर फिल्मों के लिए कहानियां लिखकर बेचा करता था। पत्नी रितु मेहरा नगर पालिका परिषद इटारसी की मुय नगर पालिका अधिकारी हैं। सौरभ की अचानक मौत से सभी स्तब्ध हैं।