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विश्व बाघ दिवस : एक था टाइगर टी-3, जिसने खुद गुमनाम रहकर पन्ना के पार्क को किया गुलजार, कहलाया पन्ना के बाघों का पितामह

International Tiger Day फादर ऑफ पन्ना टाइगर रिजर्व : लंबी चौड़ी-कद काठी। दहाड़ से जंगल थर्रा उठता। जहां से गुजर जाए वहां जानवर सहम जाएं। हुकूमत की यह दास्तां एक दशक चली। हां, यही सब खूबियां हैं ‘फादर ऑफ पन्ना टाइगर रिजर्व’ यानी बाघ-3 की। फादर इसलिए क्योंकि पन्ना में जो 70 से ज्यादा बाघ हैं, सब इसी के वंशज हैं। दुर्भाग्य यह है कि औसत उम्र पार कर 18वें साल में प्रवेश कर चुका यह ‘पितामह’ अब गुमनामी की जिंदगी जी रहा है। उसी की संतानों ने उसे ‘खदेड़’ दिया है। विभाग को भी ‘फिक्र’ नहीं है।

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पन्ना@शशिकांत मिश्रा

2008... यह वही साल था, जब पन्ना बाघ विहीन हो गया था। फिर 2009 में शुरू हुई बाघ पुनर्स्थापना योजना। बांधवगढ़ से बाघिन टी-1, कान्हा से बाघिन टी-2 और पेंच से नर बाघ टी-3 को लाया गया। बाघ टी-3 के संपर्क में आने के बाद टी-1 ने अप्रेल 2012 को अपने पहले लिटर में चार शावक जन्मे। टी-1 ने फरवरी 2015 में दूसरे लिटर में चार शावक जन्मे। टी-2 ने पहले लिटर में 4 और दूसरे लिटर में दो शावकों को जन्म दिया। बाघविहीन हो चुके पन्ना को फिर गुलजार करने की दास्तां पूरे देश में मिसाल है। अब यहां 70 से ज्यादा बाघ हैं।

अब नाती-पोते ने इलाके से खदेड़ दिया
बाघों का संसार दोबारा आबाद करने वाला बाघ टी-3 रेडियो कॉलर हटाए जाने के बाद गुमनामी का जीवन जी रहा है। एक अनुमान के अनुसार, इस बाघ के संसर्ग से टाइगर रिजर्व की बाघिनों से 70 से भी ज्यादा शावक जन्मे हैं।

पन्ना टाइगर रिजर्व की सबसे सफलतम बाघिन टी-2 के साथ संस्थापक बाघिन टी-1, टी-4, टी-5 व टी-6 के पहले व दूसरे लिटर की शावकों का पिता टी-3 को ही माना जाता है। सालों तक टाइगर रिजर्व के जंगल में इस भारी भरकम शरीर वाले बाघ की हुकूमत चली। समय के साथ यह कमजोर हुआ तो इसके ‘नाती-पोतों’ ने उसे टेरेटरी से खदेड़ दिया।

18 साल उम्र, यह भी रेकॉर्ड
वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता बताते हैं कि जंगली बाघों की औसत उम्र 12 से 14 साल मानी जाती है। नर बाघ टी-3 की उम्र 17 से 18 साल है।

नियमित ट्रेस नहीं करते
टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा के अनुसार, टी-3 औसत उम्र पूरी कर चुका है। वर्तमान लोकेशन की जानकारी नहीं है। नियमित रूप से लोकेशन ट्रेस नहीं की जाती, जिसके कारण अभी उसका पता नहीं चल पा रहा है।

ऐसे बढ़ रही टी-3 की वंशबेल-
1. पन्‍ना टाइगर रिजर्व में 2022 में छह माह में छह बाधिनों ने 12 शावकों को जन्मा।

2. उम्मीद की जा रही है कि 2022 के अंत तक सात और बाघिनें कम से कम 14 शावकों को जन्म देंगी।

3. पूरे साल में कम से कम 26 शाक्‍कों का जन्म अनुमानित है। यहां साल के अंत तक कुल ब्रीडिंग बाधिनों की संख्या 23 तक पहुंच सकती है।

4.. वर्तमान में पन्ना टाइगर रिजर्व में 70 से ज्यादा बाघ हैं। इनमें 40 से 42 वयस्क, 17 से 20 अर्धवयस्क और 12 से 14 शावक हैं।

5. उम्मीद है कि साल के अंत तक कुल 84 से 86 बाघ हो जाएंगे।