
temperature
पन्ना। प्रदेश के कई शहरों में बीते दिनों हुई बारिश के बाद अधिकांश हिस्सों में सर्द हवाएं चलने लगी हैं। इसका असर जिले में भी देखा जा रहा है। यहां बीते दो-तीन दिन से सर्द हवाओं के चलने से तापमान में भारी गिरावट आई है। मौमस विभाग की ओर से रविवार को न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मंडला और खजुराहो में भी इतना ही तापमान रिकॉर्ड किया गया। यह इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है।
सर्द हवाओं के असर से पारा तो लुढ़का ही है, साथ ही गलन भी बढ़ गई है। इससे जनजीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। ठंड के असर के कारण ज्यादातर लोग दोपहर में ही खरीदारी करने के लिए घरों से निकले। सुबह और शाम मार्केट में भीड़ कम देखी गई। ग्रामीण क्षेत्रों से बिक्री करने आए किसान व दुकानदार भी शाम होते ही चलते बने।
अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं
जिले में चल रही सर्द हवाओं ने मौसम में गलन बढ़ा दी है। गर्म कपड़े पहनने के बाद भी लोगों को कंपकंपी छूट रही है। हल्के कपड़ों से तो ठंड जा ही नहीं पा रही है। घरों में लोग आग जलाकर ठंड दूर कर रहे हैं। जिलेभर में ठंड का प्रकोप बढऩे से बच्चों को सुबह स्कूल जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर नगरीय प्रशासन की ओर से अभी तक अलाव जलाने की व्यवस्था तक नहीं की गई है।
अलाव जलाने के लिए लकड़ी की डिमांड बढ़ी है। शहर में 600 से 700 रुपए प्रति क्विंटल तक लकड़ी मिल रही है। वहीं दूसरी ओर रजाई-गद्दों की दुकानों में भी लोगों की भीड़ दिखाई देने लगी है।
फसलों पर पड़ सकता है असर
कृषि विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि तापमान के पांच डिग्री से नीचे लुढ़कने और कोहरा लगातार पडऩे की स्थिति में फसलों को काफी नुकसान हो सकता है। जिले का तापमान पांच डिग्री से नीचे पहुंच गया है। यदि ऐसे हालात में कोहरा पड़ता है तो उससे अरहर के साथ ही मसूर और चने की फसल को नुकसान हो सकता है।
चने की फसल में इल्ली का और सरसों की फसल में माहू का प्रकोप हो सकता है। वहीं अरहर की फसल में पाला लग सकता है। इसी तरह से सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को भी मौसम में हो रहे बदलाव का नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों को खेतों में पानी लगाने और शाम को गाज जलाकर धुआं करने की सलाह दी गई है। इससे फसलों को पाला से बचाया जा सकेगा।
गर्म कपड़ों की मांग बढ़ी
साप्ताहिक बाजार में गर्म कपड़ों की डिमांग रही। सस्ते दाम पर मिल रहे जैकेट खरीदने बड़ी संख्या में ग्रामीण अचंलों से लोग आए थे। गरीबों के लिए ठंड से बचने के लिए कम दाम में मिलने वाले यही यूज्ड कपड़े बहुत बड़ा सहारा होते हैं। साप्ताहिक बाजार में लगी इन गर्म कपड़ों की दुकानों से बड़ी संख्या में लोगों ने खरीदारी की। शहर की किराना दुकानों में भी जैकेट, स्वेटर, टोपे, मफलर, कोट, ब्लेजर आदि की डिमांग में इजाफा हुआ है।
Published on:
16 Dec 2018 11:53 pm
बड़ी खबरें
View Allपन्ना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
