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मथुरा से पैदल चल पन्ना पहुंची प्रेग्नेंट महिला, आइसोलेशन सेंटर में ‘राम’ का हुआ जन्म

प्रेग्नेंसी के आखिरी दिनों में 24 वर्षीय महिला कल्ली बाई उत्तर प्रदेश के मथुरा से पांच सौ किलोमीटर पैदल चलकर पन्ना पहुंची थी

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पन्ना. यहां के अजयगढ़ में बने आइसोलेशन सेंटर में रह रही एक महिला मजदूर कल्ली बाई ने एक नवजात शिशु को जन्म दिया। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। गौरतलब है कि पन्ना जिले में भी 12 हजार से भी अधिक मजदूर बाहर से आये हैं, जिन्हे प्रशासन द्वारा छात्रावासों और विद्यालयों में 14 दिन के लिये आइसोलेशन में रखा गया है।


जानकारी के अनुसार, प्रेग्नेंसी के आखिरी दिनों में 24 वर्षीय महिला कल्ली बाई उत्तर प्रदेश के मथुरा से पांच सौ किलोमीटर पैदल चलकर पन्ना पहुंची थी। उसके साथ कोविड-19 की वजह से दिल्ली से चले हजारों प्रवासी मजदूर भी यहां पहुंचे थे। कल्ली बाई पन्ना जिले की रहने वाली है। जानकारी के अनुसार, उसने अपने सफर की शुरुआत 29 मार्च को पैदल शुरू की थी और 31 मार्च को पन्ना पहुंची थी। सफर के दौरान वह पांच बार ट्रक पर भी चढ़ी थी।

नवजात का नाम 'राम'

जानकारी के अनुसार, महिला कल्ली बाई ने गुरुवार को एक स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दिया है। परिवार ने बच्चे का नाम राम रखा है क्योंकि उसका जन्म रामनवमी के दिन हुआ है। महिला पन्ना जिले के अजयगढ़ तहसील स्थित बरियारपुर भूमियां गांव में बने क्वारेंटाइन सेंटर में है।

पति के साथ मथुरा में करती थी काम

जानकारी के अनुसार, कोरोना क्राइसिस से पहले कल्ली बाई अपने पति रामदिन केवट के साथ मथुरा के करीब कहीं काम करती थी। कंस्ट्रकशन साइट बंद होने की वजह से उसकी नौकरी चली गई। उसके बाद सभी लोग अपने घर जाने लगे, तब कल्ली बाई भी अपने पति के साथ चल पन्ना स्थित अपने घर आने के लिए पैदल ही चल दिए।

ट्रक ने दिया लिफ्ट

बताया जा रहा है कि मथुरा से कुछ दूर चलने के बाद एक ट्रक ने इन लोगों को लिफ्ट दिया लेकिन वह आगरा से 22 किलोमीटर पहले पर उतार दिया। उसके बाद ये लोग पैदल चल कर किसी तरह आगरा पहुंच गए। इसके बाद एक और ट्रक से ये लोग झांसी पहुंचे। बताया जा रहा है कि पन्ना पहुंचने के लिए ये लोग तीन बार और ट्रक का सहारा लिया है। स्थानीय मीडिया से बात करते हुए डॉक्टर ने कहा कि दो अप्रैल को महिला ने बच्चे को नॉर्मल डिलीवरी के जरिए बच्चे को जन्म दिया है।