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Bankipur By Election: मैट्रिक के बाद सीधे ग्रेजुएशन? BJP प्रत्याशी नीरज सिन्हा की डिग्री पर बवाल, RJD ने खोला मोर्चा

Bankipur By Election: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा का नामांकन नए विवाद में घिर गया है। आरजेडी ने उनके हलफनामे में इंटरमीडिएट (प्लस-टू) की शैक्षणिक योग्यता का उल्लेख नहीं होने पर सवाल उठाए हैं
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भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा

Bankipur By Election:  बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। आरजेडी ने उनकी शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि उन्होंने मैट्रिक के बाद सीधे ग्रेजुएशन कैसे कर लिया। पार्टी का कहना है कि यदि इस संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो वह न्यायालय का रुख करेगी। आरजेडी के इस आरोप के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई है कि हलफनामे में इंटरमीडिएट (प्लस-टू) की जानकारी का उल्लेख नहीं होने से क्या उनके नामांकन पर कोई कानूनी असर पड़ सकता है।

पकड़ौआ प्रत्याशी

आरजेडी नेता मुकेश रोशन ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार के लोग अब तक "पकड़ौआ विवाह" के बारे में सुनते आए हैं, लेकिन अब बीजेपी की वजह से "पकड़ौआ उम्मीदवार" की भी चर्चा हो रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले बीजेपी को लेकर यह कहा जाता था कि उसमें शामिल होते ही नेता "वॉशिंग मशीन" में धुलकर भ्रष्टाचार और आरोपों से मुक्त हो जाते हैं। अब स्थिति ऐसी हो गई है कि मानो बीजेपी में शामिल होते ही मैट्रिक के बाद सीधे ग्रेजुएशन की डिग्री भी मिल जाती है।

हलफनामे में इंटर गायब?

मुकेश रोशन ने आरोप लगाया कि बीजेपी प्रत्याशी की शैक्षणिक योग्यता की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि नीरज कुमार सिन्हा ने वर्ष 2012 में मैट्रिक की परीक्षा पास की थी, तो उन्होंने इंटरमीडिएट (प्लस-टू) कब किया, इसका स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इस संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो उनकी पार्टी न्यायालय का रुख करेगी।

नीरज कुमार सिन्हा ने अपने नामांकन पत्र में वर्ष 2012 में मैट्रिक और वर्ष 2024 में स्नातक (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई पूरी करने का उल्लेख किया है। हालांकि, उनके हलफनामे में इंटरमीडिएट (प्लस-टू) की शैक्षणिक योग्यता का उल्लेख नहीं है। आरजेडी इसी मुद्दे को लेकर सवाल उठा रही है।

एक हस्ताक्षर की चूक, नामांकन खारिज

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में एक छोटी सी चूक के कारण तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की प्रत्याशी वीणा मानवी का नामांकन पहले ही रद्द हो चुका है। निर्वाचन नियमों के अनुसार उनके नामांकन पत्र पर 10 प्रस्तावकों (प्रपोजर) के हस्ताक्षर आवश्यक थे, लेकिन उसमें केवल 9 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर पाए गए। इसी कमी के कारण उनका नामांकन अवैध घोषित कर दिया गया।