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Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर पर एनडीए में फूट, बीजेपी-जदयू ने उठाए सवाल, मांझी का समर्थन

Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर में भरत भूषण तिवारी की कथित फर्जी एनकाउंटर में मौत के बाद सियासी विवाद गहरा गया है। बीजेपी और जदयू ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि हम पार्टी के प्रमुख जीतन राम मांझी ने एनकाउंटर को सही ठहराया है।

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jitan ram manjhi on bharat tiwari encounter

भरत तिवारी और केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी

Bharat Tiwari Encounter बिहार के भोजपुर जिले में भरत भूषण तिवारी की कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस मामले को लेकर बीजेपी और जदयू ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि जीतन राम मांझी की पार्टी हम ने सरकार का समर्थन किया है। वहीं इस घटना के बाद विपक्ष के साथ-साथ बड़ी संख्या में आम लोग भी सड़क पर उतर आए हैं, जिससे राज्य में सियासी हलचल और तेज हो गई है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे लगातार पुलिस-प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने पहले इस घटना को एनकाउंटर नहीं बल्कि हत्या बताया था। अब उन्होंने यह भी कहा है कि भरत भूषण तिवारी ने पुलिस से बचने के लिए सोने का लॉकेट बेचकर हथियार खरीदा था। अश्विनी चौबे ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो और जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

सरेंडर के बाद एनकाउंटर पर सवाल

इधर, इस मामले पर जदयू के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने भी एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए कहा कि भरत भूषण तिवारी अपराधी नहीं थे। उन्होंने कहा कि वह अपने क्षेत्र के गरीब और दलितों की आवाज थे और उनके अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि उनके जिले के डीएम और एसपी के साथ उनके फोटो मौजूद हैं, ऐसे में उन्हें अपराधी कैसे माना जा सकता है।

अशोक चौधरी ने भोजपुर पुलिस से सवाल करते हुए कहा कि जब उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो फिर उनका एनकाउंटर क्यों किया गया। उन्होंने घटना के बाद पुलिस के बयान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। इससे पहले जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि सामने आए वीडियो और उपलब्ध तथ्यों से निश्चित रूप से संदेह पैदा होता है।

जीतन राम मांझी ने पुलिस कार्रवाई का किया समर्थन

हालांकि इस मामले में केंद्रीय मंत्री और हम पार्टी के प्रमुख जीतन राम मांझी ने सरकार का समर्थन किया है। उन्होंने एनकाउंटर को पूरी तरह सही ठहराते हुए सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष दोनों की ओर से पुलिस पर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज कर दिया।

मांझी ने कहा, “मैं इस एनकाउंटर को पूरी तरह सही मानता हूं। अगर वह (भरत तिवारी) मानसिक रूप से अस्थिर थे, तो उनके पास रिवॉल्वर क्यों थी? उनके परिवार वालों ने उनसे रिवॉल्वर क्यों नहीं छीनी? इसका मतलब है कि परिवार ने जानबूझकर उन्हें उकसाया।” उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने विभिन्न प्रतिक्रियाएं देते हुए उन पर कई सवाल उठाए हैं।