
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (फोटो- samarat choudhary X)
Bharat Bhushan Tiwari Encounter: भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि "जिसे जो करना है करे, बिहार में अपराधियों से कोई समझौता नहीं होगा।" हालांकि, उन्होंने अपने बयान में भरत भूषण तिवारी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान को एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के पक्ष में एक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
सम्राट चौधरी के बयान के बाद मामले को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है। खास बात यह है कि सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर भी इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आ रही है। जदयू कोटे से बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। वहीं, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी इस एनकाउंटर पर सवाल उठा चुके हैं। इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि भरत भूषण तिवारी का "एनकाउंटर नहीं, बल्कि हत्या हुई है।"
बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या भरत भूषण तिवारी कुख्यात अपराधी था? उन्होंने पूछा कि अगर सरकार ने पुलिस को पिस्टल दी है तो क्या इसका मतलब यह है कि पुलिस किसी को भी गोली मार देगी? अशोक चौधरी ने कहा कि भरत भूषण तिवारी की भोजपुर के एसपी और डीएम के साथ तस्वीरें हैं और स्थानीय लोग उसे समाजसेवी बताते हैं। उनके अनुसार, इस एक कार्रवाई ने सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार का उद्देश्य अपराधियों पर कार्रवाई करना है, लेकिन जब पुलिस किसी समाजसेवी को कुख्यात अपराधी बताकर उसका एनकाउंटर करने लगेगी, तो जनता का पुलिस पर से भरोसा उठ जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
22 Jun 2026 07:41 pm
Published on:
22 Jun 2026 06:53 pm
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