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बिहार विधानसभा चुनाव प्रियंका गांधी की सभा में कुर्सियां खाली, जानें क्यों हो रही अखिलेश प्रसाद सिंह की चर्चा

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को प्रियंका गांधी की एनडीए के गढ़ में चुनावी सभा थी। कांग्रेस के नेता एक लाख ज्यादा लोगों के सभा में आने का दावा कर रहे हैं लेकिन, सभा को लेकर लगी कई कुर्सियां खाली रह गई। खाली कुर्सियां को लेकर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।
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पटना

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Rajesh Kumar Ojha

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Updated: 27 Sep 2025, 1:02 PM IST

प्रियंका गांधी

प्रियंका गांधी (फोटो- बिहार कांग्रेस)

बिहार विधानसभा चुनाव:एनडीए के गढ़ में शुक्रवार को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की सभा थी। इस सभा में आधे से ज्यादा खाली कुर्सी का वीडियो बड़ी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि यह नजारा तब का है जब मंच से प्रियंका गांधी भाषण दे रही थी। इसपर एनडीए के कार्यकर्ता खुब मजा ले रहे हैं। इस बीच कई लोग कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह पर भी तंज कस रहे हैं।

खाली कुर्सी पर अखिलेश की क्यों चर्चा?

मोतिहारी में प्रियंका गांधी की सभा में खाली कुर्सी को लेकर स्थानीय कांग्रेस नेता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने अखिलेश सिंह पर पूरे कार्यक्रम को हाईजैक करने का आरोप लगाया। इनका कहना है कि अखिलेश प्रसाद सिंह अपने बेटे के लिए मोतिहारी में फिल्डिंग कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अखिलेश सिंह अपने बेटे के लिए मोतिहारी सदर या गोविंदगंज से सीट चाह रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने अपने स्तर से तैयारी भी शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि प्रियंका गांधी की मोतिहारी में सभा कराकर अखिलेश सिंह ने इसके संकेत भी दे दिए हैं।

किस दल के टिकट से लड़ेंगे चुनाव?

सूत्रों का कहना है कि अखिलेश सिंह के बेटा भी सर्वदलीय नेता हैं। वर्ष 2024 और 2019 में वो चुनाव लड़ चुके हैं। एक दफा वे उपेंद्र सिंह कुशवाहा की पार्टी से चुनाव लड़े थे और पिछले दफा अखिलेश प्रसाद सिंह का बेटा आकाश सिंह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे। संयोग वश दोनों दफा उनकी हार हुई है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह एक बार फिर उनको चुनाव मैदान में उतारना चाहते हैं।

कांग्रेस नेता क्यों नाराज हैं?

आकाश सिंह के मोतिहारी सदर या गोविंदगंज से चुनाव लड़ने की चर्चा पर कांग्रेस के समर्पित नेता नाराज हैं। उनका कहना है कि बार बार आकाश सिंह को ही क्यों टिकट दिया जाए? उन्होंने आगे कहा कि आकाश सिंह को पार्टी कितनी बार मौका देगी? पार्टी को यह तय करना होगा कि पार्टी नेता जी के पुत्र को टिकट देगी या फिर कांग्रेस के कार्यकर्ता को टिकट देना चाहती है।

21 विधानसभा में 17 पर एनडीए का कब्जा

पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण के 21 विधानसभा में 17 पर एनडीए का कब्जा है। कहा जा रहा है कि बीजेपी यहां अपने किला को और मजबूत करने के उदेश्य से पीएम की सभा को यहां पर प्रस्तावित किया है। बीजेपी का कहना है कि पीएम की इस सभा से बिहार के तीन दर्जन से ज्यादा सीटों पर असर पड़ेगा। पार्टी का मानना है कि पीएम की इस रैली का पूर्वी चंपारण के दक्षिण में मुजफ्फरपुर जिला के कुछ विधानसभा और पश्चिम की ओर से गोपालगंज तथा पश्चिमी चंपारण जिला पर विशेष प्रभाव पड़ेगा। इस प्रकार बिहार के करीब तीन दर्जन विधानसभा सीटों पर इसका असर पड़ेगा। इस सभी सीटों पर पार्टी के लिए महौल भी बनेगा।