
bihar budget 2026
Bihar Budget 2026: बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवा और मजबूत करने के लिए मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 में ₹21,270.40 करोड़ खर्च करने का लक्ष्य रखा है। बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को बजट में इसको लेकर आवंटन का प्रस्ताव रखा है। जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और कम से कम 10 नए मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से मेडिकल शिक्षा का विस्तार करने पर खास ध्यान दिया गया है।
बिहार विधानसभा में राज्य का बजट पेश करते हुए यादव ने कहा कि मधुबनी, वैशाली, सीवान, जमुई, भोजपुर, बक्सर, बेगूसराय, सुपौल, मुंगेर और सीतामढ़ी में नए सरकारी मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं, जहां निर्माण कार्य पहले से ही चल रहा है। ये पूर्णिया, बेतिया, समस्तीपुर, मधेपुरा और सारण (छपरा) में हाल ही में स्थापित मेडिकल कॉलेजों में शामिल होंगे।
मंत्री ने कहा कि ₹5,400 करोड़ के पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (PMCH) रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत 1,100 बेड पहले ही चालू कर दिए गए हैं, जिसमें कुल 5,400 बेड की क्षमता की परिकल्पना की गई है। दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल को भी ₹2,546.41 करोड़ की अनुमानित लागत से 2,500 बेड तक अपग्रेड किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष देखभाल तक पहुंच में सुधार के लिए, ब्लॉक स्तर पर सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशेष अस्पतालों के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें ऑर्थोपेडिक्स, ऑप्थल्मोलॉजी और ENT विशेषज्ञों के नए पद होंगे। इसके अलावा, राज्य के सभी 36 जिला अस्पतालों को सुपर-स्पेशियलिटी सुविधाओं में अपग्रेड किया जाएगा। बजट में कई समर्पित संस्थानों पर हुई प्रगति पर भी प्रकाश डाला गया, जिसमें दरभंगा के गंगवारा में सिर, गर्दन और मुंह के कैंसर के मरीजों के लिए 100 बेड का अस्पताल और मुजफ्फरपुर में निर्माणाधीन 100 बेड का पैलिएटिव केयर अस्पताल शामिल है। 400 बेड का ऑर्थोपेडिक लोक नायक जय प्रकाश नारायण सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल विकास के अंतिम चरण में है।
चिकित्सा की स्वदेशी प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए, राज्य दरभंगा और बेगूसराय में आयुर्वेदिक कॉलेज, मुजफ्फरपुर में होम्योपैथिक कॉलेज और पटना में तिब्बी (यूनानी) कॉलेज स्थापित कर रहा है। शंकर आई फाउंडेशन इंडिया, कोयंबटूर के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत पटना के कंकड़बाग में एक आई सुपर-स्पेशियलिटी सेंटर भी विकसित किया जा रहा है। यादव ने कहा कि हेल्थ सेक्टर में सरकार के लगातार दखल से काफी सुधार हुआ है, बिहार में शिशु मृत्यु दर, नवजात मृत्यु दर और पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में कमी आई है, और अब यह राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
Published on:
04 Feb 2026 09:34 am

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