
बाढ़ का पानी गांव में घुसने लगा। फोटो -पत्रिका
Bihar flood बिहार में बेमौसम बारिश, आंधी और बाढ़ ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है, जिससे जन-धन की बड़ी हानि हुई है और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हो गया है। इसमें 50 से अधिक परिवार प्रभावित हो गए हैं। रविवार को भी कई क्षेत्रों में बारिश हो रही है। इससे स्थिति और बी अधिक भयावह हो गई है।
मुजफ्फरपुर जिले के मनियारी थाना क्षेत्र में शनिवार को आए एक मिनट के बवंडर और भारी बारिश ने भीषण तबाही मचाई। चैनपुर गांव में ट्रांसफार्मर और बिजली का पोल गिरने से दबकर एक किशोर (मोहम्मद फैजल) समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस विनाशकारी आंधी में चैनपुर और अन्य तीन पंचायतों में एस्बेस्टस और फूस के दर्जनों घर धराशायी हो गए, जिससे करीब 50 से अधिक परिवार प्रभावित हुए। आंधी के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग NH-122 पर पेड़ गिर गए, जिससे मदरसा चौक से काजीइंडा चौक तक आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। इसके अलावा, वज्रपात (ठनका) की चपेट में आने से जहानाबाद, बेतिया और खगड़िया समेत अन्य जिलों में भी कई लोगों की जान गई है।
नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों और सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते सीतामढ़ी जिले में रातो नदी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से सुरसंड प्रखंड के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, और कई महादलित परिवारों सहित लोगों के घर पानी से घिर गए हैं। बाढ़ का पानी प्रमुख सड़कों तक पहुँच गया है, जिससे भिठ्ठामोड़ चौक स्थित बाजार पूरी तरह डूब गया है।
सबसे गंभीर स्थिति यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग NH-227 पर लगभग चार फीट पानी का तेज बहाव होने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। श्रीखंडी भिट्ठा जैसे गांवों में पानी भरने से लोगों की आवाजाही बंद हो गई है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन दोनों प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में जुटा है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन लगातार आपदाओं से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
Updated on:
05 Oct 2025 12:30 pm
Published on:
05 Oct 2025 12:29 pm
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