
बिहार में पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही यह भी साफ हो गया कि बड़े स्तर पर अब वार्डों में कोई बदलाव नहीं देखने को मिलेंगे। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि लेकिन, यह साफ कर दिया कि आगामी चुनाव में आरक्षण का रोस्टर जरूर बदला जाएगा। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए स्पष्ट किया कि दरअसल, 2021 में कोविड महामारी की वजह से बिहार समेत पूरे देश भर में जनगणना नहीं हो पाई थी। इसकी वजह से सरकार के पास जनगणना का ताजा आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। इसलिए पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन कराना संभव नहीं है। मंत्री ने कहा कि कुछ पंचायतों को नगर निकायों में शामिल कर दिया गया है। ऐसे में वहां पर कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
आरक्षण रोस्टर में बदलाव होंगे। मौजूदा आरक्षण रोस्टर के 10 साल पूरे हो चुके हैं, इसलिए नियमों के अनुसार इस बार नया रोस्टर लागू होगा। इससे साफ है कि जो सीटें पहले सामान्य थीं, वो अब आरक्षित हो सकती हैं। इसके साथ ही जो आरक्षित थीं, वे सामान्य वर्ग में जा सकती हैं। इसको साथ मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि आरक्षण का निर्धारण जनसंख्या के आधार पर किया जाएगा, जिसमें अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के लिए तय प्रतिशत के अनुसार सीटें आरक्षित होंगी।
बिहार में पंचायत चुनाव कब होगा? इसको लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कहा कि दिसंबर 2026 से पहले बिहार में पंचायत चुनाव करा दिए जाएंगे। इसी वर्ष पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। हर पांच साल में पंचायत चुनाव कराए जाने का प्रावधान है। पिछला पंचायती चुनाव 2021 में हुए थे।
पंचायत चुनाव पुराने परिसीमन पर होंगे। लेकिन, यह चुनाव नए आरक्षण रोस्टर पर होंगे। जिससे कई सीटों पर चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। 2026 में होने वाले पंचायती चुनाव में पहली बार EVM का प्रयोग किया जायेगा।
Published on:
07 Jan 2026 10:19 pm
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