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(पत्रिका ब्यूरो,पटना): बिहार में राजधानी पटना समेत भारत बंद का व्यापक असर देखा गया। बंद के दौरान सड़कें सूनसान रहीं और अधिकांश वाहन सड़कों से गायब देखे गये।
1. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव कार्यकर्ताओं के साथ पैदल मार्च करते सड़कों पर उतरे। जन अधिकार पार्टी के नेता और सांसद पप्पू यादव भी बंद कराने निकले। इनके समर्थकों ने गाड़ियों के शीशे तोड़े और हंगामा किया। तेजस्वी ने ट्वीट कर पप्पू यादव को भाजपा का एजेंट बताया और कहा कि भाजपा के कहने पर सांसद बंद कराने उतरे और तोड़फोड़ कर विपक्ष को बदनाम किया।
2. जहानाबाद में बंद के चलते दो वर्षीय एक महादलित परिवार की बीमार बच्ची की एम्बूलेंस से देर से अस्पताल पहुंचने के कारण रास्ते में मौत हो गई। पिता प्रमोद मांझी ने बंद को दोष देते कहा कि डायरिया पीड़ित मेरी बच्ची बेबी समय रहते अस्पताल पहुंच जाती और उसे पानी चढ़ा दिया गया रहता तो उसकी जान बच सकती थी।
3. वैशाली के सोनपुर थाने के गौतमचक में बंद समर्थकों और विरोधियों में झड़प और मारपीट। दोनों ओर से हुई जबर्दस्त गोलीबारी।हालांकि इसमें कोई जख्मी नहीं हुआ।पुलिस कैंप बना इलाका।
4. बगहा के रामनगर में बंद समर्थक कांग्रेस के दो गुटों में भिड़ंत हो गई। दोनों गुटों में मारपीट के दर्मियान दो लोग जख्मी हो गये।पुलिस के पहुंचने पर भिड़ रहे कांग्रेसी भी शांत नहीं हुएतो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठी चलने के बाद कांग्रेसी भाग खड़े हुए।
5.भारत बंद के दौरान सड़कों पर उतरे समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करते सड़क जाम कर दिया।गांधी सेतु पर भी वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। आरा,जहानाबाद, लखीसराय, हाजीपुर और मोकामा सहित कई जगहों पर ट्रेनें रोकी गयीं। बंद के दौरान हालांकि मरीज और शव वाहन नहीं रोके गये। नेताओं ने दिखावे के लिए कहीं बैलगाड़ी की यात्रा की तो कहीं सड़कों पर मंडली में भजन कीर्तन किए। भारत बंद का आरजेडी, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, एनसीपी और वामदलों का समर्थन प्राप्त था।
Published on:
10 Sept 2018 05:49 pm
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