
बेटी का पिंडदान करते पीड़ित डॉक्टर के माता- पिता। फोटो -पत्रिका
आरजी कर मेडिकल कोलकाता की मेडिकल छात्रा के साथ पिछले साल गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी। मृतक मेडिकल छात्रा के माता पिता अपनी बेटी की आत्मा की शांति के लिए बिहार के मोक्ष नगरी गया में पिंडदान किया। मृतका के माता-पिता विष्णुपद स्थित श्री शंकराचार्य मठ में अपनी बेटी की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान का कर्मकांड किया। मृतका के पिता ने कहा कि उन्होंने शासन प्रशासन का कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अब तक न्याय नहीं मिला है। सभी आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। जबतक दोषी को सजा नहीं होगी, उनकी बेटी की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।
मृतका डॉक्टर के माता-पिता बुधवार को गया के विष्णुपद, देवघाट और अक्षयवट में अपनी बेटी की आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए विधिपूर्वक पिंडदान, श्राद्धकर्म और तर्पण किया। पिछले वर्ष नौ अगस्त को यह घटना घटित हुई थी। नौ दिनों के बाद इस घटना का एक वर्ष पूरा हो जायेगा। मृतका के पिता ने कहा कि जो काम आज हमारी बेटी को हमारे लिए करना चाहिए था, वह हम उसके लिए कर रहे हैं। सबसे पहले विष्णुपद मंदिर परिसर स्थित शंकराचार्य मठ में पिंडदान आरंभ किया, फिर गर्भगृह, प्रेतशिला और अक्षयवट जाकर कर्मकांड पूर्ण किया।
मृतका के पिता ने पिंडदान के बाद पत्रकारों से बात करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार ने सबूतों को मिटाने और आरोपियों को संरक्षण देने का काम किया है। उन्होंने साफ कहा कि बंगाल सरकार का जो रवैये है उससे न्याय मिलना मुश्किल लग रहा है। सीबीआइ इस ममले की जांच कर रही है। सीबीआई से ही थोड़ी उम्मीद है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिख कर न्याय की गुहार लगाए हैं। लेकिन अभी तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। मृतका के परिजनों ने कहा कि गया जी में पिंडदान करने से अकाल मृत्यु होने पर भी मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के साथ वे अपनी बेटी की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए यहां पिंडदान करने आये हैं।
Updated on:
31 Jul 2025 03:43 am
Published on:
31 Jul 2025 05:30 am
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