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चार्जशीट में देरी से संजीव मुखिया को मिली थी जमानत, क्या NEET 2026 की जांच में CBI दोहराएगी पुरानी गलती?

NEET पेपर लीक 2024 मामले में जांच के दौरान सिकंदर यादवेंदु की गिरफ्तारी से बड़ा खुलासा हुआ। उसने पूछताछ में बताया कि वह माफियाओं से पेपर लेकर कई छात्रों तक पहुंचाता था। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने अमित आनंद और नीतीश कुमार को गिरफ्तार किया, जो संजीव मुखिया गैंग से जुड़े बताए जाते हैं।

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संजीव मुखिया

संजीव मुखिया (फाइल फोटो)

NEET paper leak 2026 मामले की जांच केंद्र सरकार के निर्देश पर एक बार फिर सीबीआई करेगी। इससे पहले वर्ष 2024 में हुए NEET पेपर लीक मामले की जांच भी केंद्र सरकार के निर्देश पर सीबीआई को सौंपी गई थी। हालांकि, उस मामले में सीबीआई द्वारा मास्टरमाइंड संजीव मुखिया के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं किए जाने के कारण उसे अगस्त 2025 में कोर्ट से जमानत मिल गई थी। इस घटनाक्रम के चलते NEET पेपर लीक 2026 की जांच प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

हालांकि, NEET पेपर लीक 2024 का कथित मास्टरमाइंड संजीव मुखिया अभी भी पुलिस भर्ती परीक्षा और शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामलों में जमानत नहीं मिलने के कारण जेल में बंद है। 2026 की NEET परीक्षा से एक सप्ताह पहले उसे पटना के बेऊर जेल से बक्सर जेल स्थानांतरित किया गया था।

गुप्त सूचना पर कार्रवाई

बिहार पुलिस को नीट परीक्षा 2024 (5 मई) के दिन गुप्त सूचना मिली कि एक वाहन में पेपर लीक गैंग से जुड़े कुछ संदिग्ध लोग घूम रहे हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर सिकंदर यादवेंदु नामक एक आरोपी को उसके ड्राइवर के साथ गिरफ्तार किया।

पुलिस की पूछताछ के बाद उसके सेफ हाउस पर छापेमारी की गई, जहां से जले हुए प्रश्नपत्र, मोबाइल फोन और कई परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड बरामद हुए। जांच में सामने आया कि सिकंदर इस पूरे नेटवर्क में बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था। वहीं, उसका भांजा अनुराग यादव, जो स्वयं परीक्षा दे रहा था, पेपर लीक माफियाओं और छात्रों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रहा था।

सिकंदर के बयान से खुला गैंग का राज

सिकंदर यादवेंदु ने पुलिस को बताया कि उसने माफियाओं से पेपर लेकर कई छात्रों को उपलब्ध कराया था। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने अमित आनंद और नीतीश कुमार को गिरफ्तार किया। अमित और नीतीश दोनों संजीव मुखिया गैंग से जुड़े हुए थे। इन दोनों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि संजीव मुखिया इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड है। अमित आनंद और नीतीश कुमार दोनों पटना के एक ही फ्लैट में रहते थे।

पुलिस के अनुसार, BPSC पेपर लीक मामले में नीतीश पहले भी जेल जा चुका है। वहीं, सीबीआई की ओर से इस मामले में सिकंदर यादवेंदु और उसके भांजे अनुराग यादव के खिलाफ कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की गई, जिसके कारण अप्रैल 2025 में हाईकोर्ट से दोनों को नियमित जमानत मिल गई।