
nitish kumar
(पटना): नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार के कैबिनेट की मीटिंग मंगलवार को संपन्न हुई। इस मीटिंग में 16 मुख्य ऐजेंडों पर मुहर लगाई गई है। इन एजंडों का क्रियान्वन होने पर सबसे ज्यादा फायदा एससी-एसटी के छात्रों को मिलेगा।
विपक्ष राज्य की सरकार पर कितने भी आरोप लगाए कि सरकार एससी-एसटी वर्ग के छात्रों के लिए कोई भी योजना नहीं बनाती है न ही उनके फायदे के लिए कोई भी कार्य किया जाता है। पर आज संपन्न हुई कैबिनेट की मीटिंग के फैसले सार्वजनिक होने पर यह बात सिद्ध हो गई कि नीतीश सरकार एससी-एसटी वर्ग के छात्रों के लिए कार्य करने के लिए सदैव तत्पर है।
एससी-एसटी के छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए फैसले
एससी-एसटी के छात्रों को यूपीएससी और बीपीएससी की पीटी परीक्षा पास करने पर प्रोत्साहन राशि देने का ऐजेंडा बनाया गया है जिसके अनुसार एससी-एसटी के छात्र के यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि और बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर 50 हजार रुपये की राशि देने का प्रावधान रखा गया है। इसी के साथ एससी-एसटी के छात्रों को आर्थिक मदद देने की बात भी एजेंडे के तौर पर शामिल की गई है। हॉस्टल में रह रहे एससी-एसटी के छात्रों को प्रति छात्र हजार रुपए प्रतिमाह होस्टल अनुदान के तौर पर दिए जाने का प्रस्ताव रखा गया है।
नए पदों का सृजन करने का प्रस्ताव
छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अन्य विषयों को भी इस मीटिंग में शामिल किया। छात्रों को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए 577 इंजीनियर के पदों का सृजन करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई है। इसी के साथ पूर्णिया में 63.29 करोड़ राशि से फ्रोजेन सीमेन बैंक की स्थापना करने समेत 16 प्रस्तावों को कैबिनेट की मीटिंग में पारित किया गया।
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Published on:
08 May 2018 08:22 pm
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