
चिराग पासवान ने अरुण भारती को दी जिम्मेदारी (Photo-IANS)
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की घोषणा के बाद से राज्य की सियासत और भी गर्म हो गई है। एनडीए और महागठबंधन दोनों ही गठबंधनों में हर वक्त सीट बंटवारे और उम्मीदवारों के नामों को लेकर राजनीति तेज है। एनडीए के लिए इस बार सबसे बड़ी चुनौती लोजपा (रा.) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान बन गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, चिराग पासवान बिहार में लगभग 30-35 सीटों पर दावा कर रहे हैं, जबकि एनडीए उन्हें केवल 22-24 सीटें देने पर तैयार है। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।
केंद्रीय गृह मंत्री नित्यानंद राय ने पिछले 24 घंटे में चिराग पासवान के सरकारी आवास का लगातार दौरा किया। चौथी मुलाकात शुक्रवार को हुई, जब दोनों पक्षों के बीच सीटों पर एक बार फिर से सहमति बनाने की कोशिश की गई। हालांकि, कई बार चिराग पासवान अपने आवास पर मौजूद नहीं थे, जिससे बातचीत में विलंब हुआ। सूत्रों का कहना है कि इस बार NDA के भीतर सीट बंटवारे को लेकर अंदरूनी तनाव चरम पर है। विशेष रूप से लो मार्जिन सीटों को लेकर विवाद की स्थिति है। ये वो सीटें हैं, जहां पिछली बार एनडीए की जीत बहुत कम अंतर से हुई थी।
सूत्रों के अनुसार, चिराग पासवान जिन सीटों पर अपना दावा कर रहे हैं, उनमें बखरी, शाहपुर कमाल और बेगूसराय क्षेत्र की तीन सीटें शामिल हैं। इसके अलावा खगड़िया की दो सीटें, सिकंदरा और चकाई जैसी प्रतिष्ठित सीटें, तथा जमुई लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एक विधानसभा सीट भी उनकी प्राथमिकता में हैं। दूसरी ओर, एनडीए केवल 23 से 24 सीटें देने के पक्ष में है। इन्हीं सीटों को लेकर जारी खींचतान और मतभेद के कारण अब तक सीट बंटवारे का अंतिम फॉर्मूला तय नहीं हो सका है।
शुक्रवार सुबह से ही चिराग पासवान के घर पर मुलाकातों का सिलसिला लगातार जारी है। इससे पहले गुरुवार को पूरे दिन भाजपा नेताओं का उनके आवास पर आना-जाना लगा रहा। गुरुवार को नित्यानंद राय दिन में दो बार चिराग से मिलने पहुंचे थे और बाद में धर्मेंद्र प्रधान को पूरी जानकारी दी थी। इसके बाद दोनों नेता फिर से चिराग पासवान के घर पहुंचे। इससे पहले मंगलवार को विनोद तावड़े और धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली में चिराग से मुलाकात की थी, जिसके बाद चिराग पटना रवाना हुए थे। पटना में वह अपने पिता रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर शामिल हुए थे और वहां बुधवार को मंगल पांडे से उनकी आधे घंटे की बातचीत हुई, हालांकि कोई भी नेता इस मुलाकात पर मीडिया से खुलकर नहीं बोले।
सूत्रों के मुताबिक, नित्यानंद राय और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने आज शाम तक सीट शेयरिंग फॉर्मूले पर सहमति बनाने की योजना बनाई है। राजनीतिक गलियारों में अब हर किसी की निगाहें चिराग पासवान और नित्यानंद राय के बीच अगले चरण की बैठकों पर टिकी हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान होना है।
Updated on:
10 Oct 2025, 12:07 PM IST
Published on:
10 Oct 2025, 12:07 PM IST
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