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पटना में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एक छात्रा के साथ कथित रेप एवं हत्या मामले के सामने आने के बाद कई अन्य हॉस्टल में रहने वाली छात्रों ने भी गर्ल्स हॉस्टल के काला सच से पर्दा उठाया है। छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल के संचालक और उनके मित्र अक्सर हॉस्टल में डबल मिनिंग में बात करते हैं। इसके साथ ही हॉस्टल के संचालक नंगे बदन भी हॉस्टल में बिना बताए प्रवेश कर जाते हैं। इसको लेकर दो माह पहले पटना के दिनकर चौराहे के पास स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों ने हंगामा भी किया था। इसके बाद एक साथ करीब 10 लड़कियों ने हॉस्टल खाली कर दिया था।
पटना के दिनकर चौराहे पर स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में कुछ दिन पहले जमकर हंगामा हुआ था। आस पास के अनुसार हॉस्टल में हंगामा के बाद लड़कियों ने रोते हुए हॉस्टल खाली कर दिया था। इससे जुड़ी एक छात्रा ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि हॉस्टल का संचालक बिना नाम बताए प्रवेश कर जाता है। उसके साथ कई लोग भी होते हैं। वे सभी डबल मीनिंग शब्दों का प्रयोग करते हैं और हम सभी को इस तरह से देखते हैं कि जैसे कभी किसी लड़कियों को देखा ही नहीं है। हम सभी ने इसका विरोध किया, तो वे हम सभी के साथ गलत तरीके से बात करने लगे। हम लोगों के लिए अपशब्दों का भी प्रयोग किया। इसकी वजह से हम सभी ने हॉस्टल खाली कर दिया था।
पटना के हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने बताया कि गर्ल्स हॉस्टल की संचालिका महिला होती हैं। लेकिन, इसपर कब्जा उनके पति और लड़कों का होता है। महिला सिर्फ कागज पर होती हैं। इसकी वजह से सबसे ज्यादा परेशानी होती है। हॉस्टल संचालिका के पति लुंगी- गंजी और उनके लड़के पैजामा और गंजी में प्रवेश करते हैं। वे आने से पहले हम लोगों को बताते भी नहीं हैं। इसकी वजह से हम लोगों को ज्यादा परेशानी होती है। क्योंकि हम लोग अपने कमरे में अस्त व्यस्त रहते हैं और वे प्रवेश कर जाते हैं। जिसकी वजह से हम लोगों को शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है।
Updated on:
22 Jan 2026 09:06 am
Published on:
22 Jan 2026 07:45 am

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