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गर्ल्स हॉस्टल में कैसे हुई लड़कों की एंट्री? NEET छात्रा के पिता ने वार्डन और हॉस्टल संचालक पर लगाया हत्या का आरोप

पीड़िता के पिता का कहना है कि गर्ल्स हॉस्टल में दो अज्ञात लड़के कैसे दाखिल हुए? पुलिस इसकी जांच क्यों नहीं कर रही है। पुलिस बिना पोस्टमार्टम देखे कैसे पूरे मामले को आत्म हत्या कैसे कह सकती है।
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पटना

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Rajesh Kumar Ojha

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Updated: 20 Jan 2026, 10:49 AM IST

परफेक्ट गर्ल्स हॉस्टल। फोटो- पत्रिका

पटना में शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाद परफेक्ट गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की पढ़ाई कर रही छात्रा की मौत ने पटना पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूरे मामले की पुलिस जांच कर रही है। इधर परिजनों का कहना है कि पुलिस पूरे मामले को रफा दफा करना चाह रही है। हत्या को आत्म हत्या करार दे रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मांगने पर पुलिस दौड़ा रही है। पिछले साल जून माह में छात्रा NEET की पढ़ाई करने के लिए पटना आयी थी।

पुलिस का दावा कि हत्या नहीं आत्म हत्या

पटना के हॉस्टलों में छात्राओं की सुरक्षा और संदिग्ध मौतों ने पटना में बेटियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परफेक्ट गर्ल्स हॉस्टल (PG) में रहने वाली छात्रा की मौत भी 06 जनवरी को ही हुआ था। नीट (NEET) की तैयारी कर रही नाबालिग छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को भी पुलिस बिना पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिले आत्म हत्या करार दे रही है। पुलिस का कहना है कि जो साक्ष्य मिले हैं उसके आधार पर यह मामला आत्म हत्या का लग रहा है। इधर, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से जुड़े सवाल पर पुलिस ने चुप्पी साध ली है।

पिता ने लगाया हत्या का आरोप

इधर, मृतका के पिता ने हॉस्टल प्रबंधन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पिता का कहना है कि उनकी बेटी 16 साल की थी। पुलिस और हॉस्टल प्रबंधन और पुलिस पूरे मामले को रफा दफा करने में लगी है। उन्होंने सीधे तौर पर हॉस्टल संचालक विशाल अग्रवाल, रंजीत मिश्रा और वार्डन खुशबू कुमारी पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ये लोगों की कहना है कि मेरे बेटी के कमरे से किसी लड़के के फोटो मिले हैं? पुलिस ने इस मामले में एक लड़के को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

हॉस्टल में लड़के की एंट्री कैसे हुई?

पीड़िता के पिता का कहना है कि गर्ल्स हॉस्टल में दो अज्ञात लड़के कैसे दाखिल हुए? पुलिस इसकी जांच क्यों नहीं कर रही है। पुलिस बिना पोस्टमार्टम देखे कैसे पूरे मामले को आत्म हत्या कैसे कह सकती है। छात्रा की पिता ने आशांका व्यक्त किया कि पुलिस और हॉस्टल प्रबंधन सभी सबूतों को मिटाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि सुसाइड नोट जैसे सबूतों को छिपाया जा रहा है।