विशेष जांच टीम (SIT) ने सोमवार को डॉ. सतीश से लंबी पूछताछ की। एसआईटी ने डॉक्टर सतीश से यह जानने का प्रयास किया कि जब पहली बार NEET तैयारी कर रही छात्रा आपके हॉस्पिटल लाई गई तो उसकी हालत कैसी थी? आपके हॉस्पिटल की डॉक्टर ने कहा, छात्रा के साथ रेप नहीं हुआ है, किस आधार पर कहा? पुलिस को क्या आपने बताया कि छात्रा के शरीर पर 12 से 15 चोट के निशान हैं?, पीठ नीली पड़ गई है, चेस्ट पर नोचा गया है? क्या आपने ये बताया कि छात्रा को ब्लीडिंग हो रही है, उसके प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान हैं?, सेम डे ही आपने यह क्यों नहीं स्पष्ट किया कि लड़की के साथ कुछ गलत हुआ है, उसे पीएमसीएच ले जाइए। इसके साथ साथ इलाज के दौरान कौन-कौन सी मेडिकल प्रक्रियाएं अपनाई गईं, रिपोर्ट किस आधार पर तैयार की गई और पूरे घटनाक्रम में समय क्या रहा। ऐसे कई सवाल एसआईटी ने डॉक्टर सतीश से पूछे।