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कैरव गांधी अपहरण कांड: कॉन्स्टेबल से कार्बाइन छीन बदमाशों ने की फायरिंग, एनकाउंटर में बिहार के 3 अपराधी ढेर होते-होते बचे

जमशेदपुर में बिहार के तीन कुख्यात अपराधी पुलिस एनकाउंटर में घायल हो गए हैं। पुलिस ने तीनों को इलाज के लिए जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया है।

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यह सांकेतिक तस्वीर है। (AI Generated)

झारखंड के जमशेदपुर में पुलिस और अपराधियों के बीच गुरूवार की देर रात हुए एनकाउंटर में बिहार के तीन कुख्यात अपराधी जख्मी हो गए। जिसे आनन फानन में जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कैरव गांधी अपहरण कांड में पुलिस अपराधियों को लेकर हथियार रिकवर करने पहुंची थी, इसी क्रम में अपराधियों ने पुलिस की बंदूक छीनकर उनपर फायरिंग शुरू कर दी। इसमें बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे बाल-बाल बच गए। मामले की सूचना मिलने के बाद जमशेदपुर के एसएसपी, सिटी एसपी, डीएसपी समेत तमाम सीनियर पुलिस अधिकारी घटनास्थल पहुंच कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सोनारी साइन मंदिर के पास की यह घटना है।

गया और नालंदा के थे अपराधी

जमशेदपुर सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने कहा कि एनकाउंटर में जख्मी तीनों अपराधी बिहार के गया और नालंदा जिले के रहने वाले हैं। घायल अपराधियों की पहचान गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान और रमीज राजा के रूप में हुई है। मुठभेड़ बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में साईं मंदिर के पास रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच हुई।

13 जनवरी को कैरव गांधी का हुआ था अपहरण

बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सीएच एरिया से 13 जनवरी को दिनदहाड़े अपराधियों ने प्रसिद्ध उद्योगपति देवांग गांधी के पुत्र 24 वर्षीय कैरव गांधी का अपहरण कर लिया था। पुलिस ने उन्हें 14 दिनों बाद सकुशल बरामद कर लिया था। लेकिन, इस मामले में अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। पुलिस उनकी ही तलाश में छापेमारी के लिए गई थी।

ऐसे हुआ था अपहरण

जमशेदपुर पुलिस के अनुसार यह घटना 13 जनवरी की है। कैरव गांधी घर से अपनी कार से आदित्यपुर में अपनी फैक्ट्री जाने के लिए निकले थे। लेकिन, इसके बाद उनका कोई लोकेशन नहीं मिल रहा था। परिवार के लोगों ने काफी ढूंढ़ा, लेकिन वे जब नहीं मिले तो परिवार के लोगों ने इसकी पुलिस को सूचना दी। पुलिस जांच के क्रम में झाड़ियों से उनकी कार बरामद हुई। पुलिस ने जब अपनी जांच को और आगे बढ़ाया तो घटना के 36 घंटे के बाद स्कॉर्पियो से कैरव को जबरन अगवा का मामला सामने आया।

5 करोड़ की मांगी थी फिरौती

पुलिस की जांच चल रही थी इसी क्रम में कारोबारी देवांग गांधी के मोबाइल पर +62 83194765544 (इंडोनेशिया का कोड) नंबर से फिरौती का पहला मैसेज आया। किडनैपर्स ने देवांग गांधी से 5 करोड़ रुपये डिमांड की थी। किडनैपर्स का कहना था कि रकम नहीं देने पर कैरव की हत्या कर देंगे। बिष्टुपुर पुलिस ने थाने में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा के निर्देश पर कैरव की सुरक्षित बरामदगी के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम में 4 डीएसपी और 3 थाना प्रभारी को शामिल किया गया।

14 दिन बाद हुई घर वापसी

 14 दिनों तक पुलिस अपराधियों के संभावित ठिकाने पर छापेमारी करते रही। 14 दिन बाद मंगलवार की सुबह पुलिस को अन्तत: इस मामले में सफलता मिली। पुलिस ने हजारीबाग जिले के बरही इलाके से उनको देर रात बरामद कर लिया।