
प्रशांत किशोर (फोटो- सोशल मीडिया जन सुराज पार्टी)
जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बार फिर से बिहार की सियासी हलचलों में भूचाल ला दिया। उन्होंने फिर से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और जेडीयू मंत्री अशोक चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान उन्होंने तेजस्वी यादव पर भी हमला बोला और जन सुराज पार्टी की फंडिंग पर भी सवाल उठाए।
पीके ने दावा किया कि सम्राट चौधरी 6 लोगों की हत्या के अभियुक्त हैं। उन्होंने राज्यपाल, बिहार सरकार और केंद्र से अपील की कि इन आरोपितों को तत्काल पद से हटाकर गिरफ्तार किया जाए। पीके ने बताया कि सम्राट चौधरी के खिलाफ तारापुर केस नंबर 44/1995 दर्ज है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के दस्तावेज़ों का हवाला देते हुए कहा कि सम्राट चौधरी नाबालिग होने के नाम पर जेल से बाहर निकले थे, जबकि चुनाव के समय उनके द्वारा दिए गए दस्तावेज़ के अनुसार उनकी उम्र 26 साल थी। पीके ने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो जनसुराज पार्टी कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
प्रशांत किशोर ने जेडीयू मंत्री अशोक चौधरी और उनकी बेटी शांभवी चौधरी की संपत्ति पर भी सवाल उठाए। पीके ने कहा कि शांभवी की शादी के बाद न्यास बॉड के माध्यम से 100 करोड़ की संपत्ति खरीदी गई। इसके अलावा, वैभव विकास ट्रस्ट के तहत पिछले एक साल में 100 करोड़ की प्रॉपर्टी कैसे खरीदी गई, यह भी जांच का विषय होना चाहिए। पीके ने चेतावनी दी, “अगर अशोक चौधरी 7 दिन के भीतर माफी नहीं मांगते, तो मैं उनके 500 करोड़ की संपत्ति का खुलासा करूंगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रॉपर्टी में जियालाल आर्य, अनीता कुणाल, किशोर कुणाल की पत्नी और तीसरे प्रत्यय अमृत की सासू मां शामिल हैं।
प्रशांत किशोर ने प्रेस कांफ्रेंस कर अब तक कई भाजपा और जेडीयू नेताओं को निशाना बनाया है। इनमें शामिल हैं:
पीके ने कहा कि जब तक बिहार में सुधार नहीं होगा, वे अपनी कार्रवाई और खुलासे जारी रखेंगे। उनका मकसद जनता को पूरी सच्चाई बताना है।
प्रशांत किशोर ने RJD नेता तेजस्वी यादव की ओर इशारा करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और जमीन हड़पने के मामले में उन्हें सबसे पहले अपने मामा और माता-पिता का हिसाब देना होगा। उन्होंने कहा कि RJD के नेताओं का इतिहास जनता के सामने है और इस पर बात करना आवश्यक नहीं। RJD तो जाने हुए चोर हैं। पूरा बिहार जनता है। राजद चोर है। इसलिए हम इनपर कुछ नहीं बोलते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीके ने जनसुराज पार्टी की फंडिंग पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल में उन्होंने अपनी फीस से 241 करोड़ रुपए कमाए, जिस पर 30.95 करोड़ रुपए जीएसटी और 20 लाख रुपए इनकम टैक्स का भुगतान किया गया। पीके ने कहा, “लोग पूछ रहे हैं पैसा कहां से आता है। यह पूरी कमाई मेरी मेहनत और फीस से हुई है। जिनकी मदद की, उन्होंने हमें भुगतान किया। फंडिंग पूरी तरह कानूनी और पारदर्शी है। भविष्य में भी हम जनता के सामने फंडिंग की पूरी जानकारी रखेंगे। बिहार में सुधार तब तक हमारा मकसद रहेगा जब तक व्यवस्था सुधरती नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि जनसुराज पार्टी का लक्ष्य केवल सत्ता नहीं, बल्कि बिहार में राजनीतिक सुधार, जवाबदेही और जनता के विश्वास को मजबूत करना है।
Updated on:
29 Sep 2025, 1:48 PM IST
Published on:
29 Sep 2025, 1:47 PM IST
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