11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

कलाविद देवकीनंदन शर्मा की कला यात्रा पर हुई चर्चा

  कलाकार के 100 वर्ष पूरे होने की याद में आयोजित हुआ कार्यक्रम

less than 1 minute read
Google source verification
कलाविद देवकीनंदन शर्मा की कला यात्रा पर हुई चर्चा

कलाविद देवकीनंदन शर्मा की कला यात्रा पर हुई चर्चा

जयपुर. राजस्थान स्टूडियो की ओर से देश के नामचीन फ्रेस्को कलाकार प्रो. देवकीनंदन शर्मा की जन्मशताब्दी के मौके पर शुक्रवार को ऑनलाइन समारोह आयोजित किया गया। इसमें देश के जाने-माने चिंतक, कला विशेषज्ञ और चित्रकारों ने देवकीनंदन के व्यक्तित्व एवं जीवन पर अपने विचार साझा किए। इंस्टाग्राम और फेसबुक लाइव पर इसे सैकड़ों लोगों ने देखा और सराहा। देवकीनंदन शर्मा के बेटे और चित्रकार भवानीशंकर शर्मा ने कहा कि पक्षी चित्रण में उनकी गणना विश्व के कलाकारों में होती थी। उन्होंने वाश टेम्परा, जलरंग चित्रों और अपनी विशिष्ट रेखांकन शैली के जरिए पहचाना बनाई। वे युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं और उनकी प्रकृति अंकन, जनजीवन, धार्मिक, पौराणिक, ऐतिहासिक एवं पशु -पक्षियों से सम्बंधित सुंदर चित्रकारी विश्व विख्यात है। शिक्षक और कलाकार दोनों ही भूमिकाएं उन्होंने बखूबी निभाई। वे वनस्थली विद्यापीठ से लम्बे वर्षों तक जुड़े रहें और आरायश पद्धति यानी जयपुर फ्रे स्को को नया जीवन प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस चर्चा में चेन्नई के कलाक्षेत्र फाउंडेशन में फाइन आट्र्स की प्रो. लक्ष्मी कृष्णामूर्ति, प्रसिद्ध साहित्यकार एवं आर्ट क्रिटिक प्रयाग शुक्ल के साथ कवि, लेखक और पूर्व आइएएस अधिकारी हेमंत शेष ने भी विचार रखे।


बड़ी खबरें

View All

पत्रिका प्लस

ट्रेंडिंग