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फ्रेश नहीं, हमें तो आर्टिफिशियल फ्लावर डेकोरेशन ही चलेगा

- वेडिंग सीजन में डेकोरेशन मार्केट पर बजट की मार- हॉलेंड से इम्पोर्ट होने वाले आॅर्किड और लिलि की संख्या में आई कमी- फ्रे श फ्लावर्स की जगह आर्टिफि शियल को दे रहे हैं प्रिफ रेंस

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जयपुर

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Jaya Sharma

Nov 20, 2019

 फ्रे श फ्लावर्स की जगह आर्टिफि शियल को दे रहे हैं प्रिफ रेंस

फ्रेश नहीं, हमें तो आर्टिफिशियल फ्लावर डेकोरेशन ही चलेगा

जयपुर. वेडिंग्स में ऑर्कि ड और लिलि के फ्रेश प्लावर्स का डेकोरेशन इस वेडिंग सीजन कम दिख रहा है। हॉलेड से इम्पोर्ट होने वाले ये फ्लावर्स इस साल आधे से ज्यादा लोगों के बजट से बाहर हो गए हैं। एक्सपट्र्स के मुताबिक इसकी वजह मंदी है, जिसके कारण वेडिंग डेकोरेशन में 40 फीसदी तक कमी देखने को मिल रही है। शादियों का बजट कम होने का सबसे ज्यादा असर डेकोरेशंस पर नजर आ रहा है। लोग महंगे और भव्य डेकोरेशन से हाथ खींच रहे हैं। जयपुराइट्स फ्रेश फ्लावर्स की जगह आर्टिफिशियल या फिर देसी फ्लावर्स पर आ गए हैं।

40 फीसदी तक कटौती
फ्लावर डेकोरेटर इरफान कुरेशी बताते हैं कि पिछले साल तक डेकोरेशन का बाजार बहुत अच्छा था। लोग डेकोरेशन पर खुलकर खर्ज करते थे। इसके चलते हम लिलि और ऑर्किड जैसे विदेशी फूलों को हॉलेंड से मंगवाते थे, लेकिन इस साल लोग फ्रेश फ्लावर्स की जगह आर्टिफिशियल फ्लावर डेकोरेशन करवा रहे हैं। लोगों का बजट कम होने के चलते डेकोरेशन मार्केट में 40 फीसदी तक कटौती देखने को मिल रही है।

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आधा फीसदी रह गया है व्यापार एक्सपर्ट

अंकित मित्तल बताते हैं कि पिछले चार सालों से जयपुर में वेडिंग डेकोरेशन का बाजार लगातार बढ़ रहा था, लेकिन इस साल लोगों का बजट बहुत कम हो गया है। इसके चलते डेकोरेशन का व्यापार आधा फीसदी तक कम हो गया है। फ्रेश फ्लावर्स का डेकोरेशन महंगा होता है, इसीलिए लोग कहते हैं कि हमें तो आर्टिफिशियल फ्लावर्स का डेकोरशन ही चलेगा। बहुत कम लोग हैं, जो महंगे फू लों का डेकोरशन चाहते हैं।


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