
सीगल पक्षी (फोटो-AI)
CG News: पलारी विकासखंड के अंतिम छोर पर, चित्रोत्पला महानदी के तट पर स्थित ग्राम धमनी में वन्यजीव संरक्षण की सकारात्मक तस्वीर देखने को मिली। वनमंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील के निर्देशन, उप वनमंडलाधिकारी निश्चय शुक्ला एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रखर नायक (वनमंडल बलौदाबाजार) के नेतृत्व में धमनी वन परिसर के कक्ष क्रमांक 31 एवं 32 में पक्षी अवलोकन किया गया।
सुबह के शांत प्राकृतिक वातावरण में महानदी किनारे स्थित वन क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों की सक्रियता देखी गई। उनकी उपस्थिति ने क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को स्पष्ट रूप से दर्शाया।
इस विशेष कैंपिंग एवं बर्ड वॉचिंग गतिविधि में उत्तर प्रदेश (बांदा) से अभिलाष गुप्ता, छत्तीसगढ़ से खेमचंद्र बरैहा, मध्य प्रदेश से खुशी सिंह मरकाम और दंतेवाड़ा से हिमांशी शामिल रहीं। उनके साथ वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड मनबोधन टंडन, आबिद खान, वन प्रबंधन समिति धमनी के अध्यक्ष रामनारायण यादव, वीट गार्ड आबिद खान एवं सुरक्षा श्रमिक नरेश निषाद भी उपस्थित रहे।
प्रतिभागियों ने बताया कि धमनी रेंज का सघन वन क्षेत्र और प्राकृतिक जलस्रोत पक्षियों के लिए अनुकूल आवास प्रदान करते हैं। वन विभाग द्वारा किए जा रहे निरंतर संरक्षण प्रयासों के कारण यहां पक्षियों की संख्या और प्रजातीय विविधता में लगातार वृद्धि हो रही है।
पक्षी विशेषज्ञों ने लगभग 4 किलोमीटर पैदल चलकर विशेष कैमरों से पक्षियों की उपस्थिति को रिकॉर्ड किया। इस दौरान महानदी तट पर गायबगुला, अंधा बगुला, छोटा पनकौवा, किलकिला, छोटी किलकिली, लाल सुर्खाब, टिटहरी, मेवाबटन, आबिबील, चितरोखा फाख्ता, जंगली कौवा, थिरथिरा, खंजन, टुइंया तोता, सुनहरा, कठफोड़वा, हरिपत्रिंगा, सलेटी धनेश, गुगला, समोल, हुदहुद, प्रेटिनकोल, ग्रिनिस बैबलर सहित कई विदेशी पक्षी प्रजातियां देखी गईं। धमनी वन क्षेत्र अब वन्यजीव प्रेमियों, प्रकृति पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है।
Updated on:
18 Jan 2026 05:37 pm
Published on:
18 Jan 2026 05:36 pm
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