
CG News: उपार्जित धान में रेत मिलाकर व्यक्तिगत लाभ के लिए हेराफेरी करने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए धान खरीदी प्रभारी लीलाराम सेन को बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई निपनिया के धान उपार्जन केन्द्र में हुई गबन की जांच के बाद की गई।
प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति निपनिया के उपार्जन केन्द्र में वायरल वीडियो और भौतिक सत्यापन के दौरान 137.20 ङ्क्षक्वटल अतिरिक्त धान मिलने की जानकारी सामने आई। जांच में पाया गया कि लीलाराम सेन ने लगभग 5300 कट्टों में 2 से 3 किलोग्राम रेत मिलाकर करीब 132 ङ्क्षक्वटल धान का व्यक्तिगत लाभ उठाने की योजना बनाई थी।
प्रतिवेदन के आधार पर उपायुक्त सहकारिता ने पाया कि प्रभारी ने अपने पदीय दायित्वों में घोर लापरवाही बरती है। इसके चलते छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 55(1) और कर्मचारी सेवानियम 2018 के नियम 16 के तहत प्राधिकृत अधिकारी को अनुशंसा की गई। प्राधिकृत अधिकारी ने लीलाराम सेन को तत्काल सेवा से पृथक करने का आदेश दिया।
जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी उपार्जन केंद्रों में गबन और अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, ग्रामीणों और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए और अधिक सतर्कता बरती जाएगी। यह मामला यह भी दर्शाता है कि प्रशासन भ्रष्टाचार और अनुचित गतिविधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपना रहा है और किसी भी प्रकार के निजी लाभ के प्रयास को गंभीरता से ले रहा है।
Published on:
10 Mar 2026 01:40 pm
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