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3 लाख का हीरा 1 लाख में! लैब-ग्रोन डायमंड इतना सस्ता क्यों होता है, असली हीरे से कितना अलग है? समझिए

साल 2010 में लैब ग्रोड डायमंड्स का मार्केट नहीं के बराबर था। साल 2019 के अंत तक नैचुरल डायमंड्स के पास 93% मार्केट शेयर था, लेकिन धीरे-धीरे लैब ग्रोन डायमंड्स की तेजी से डिमांड बढ़ी।

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भारत

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Businessdesk

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Mohammad Hamid

Jan 10, 2026

हीरे की कीमत तय करने में 4Cs का बड़ा महत्व होता है (PC: Canva)

हीरा है सदा के लिए, चाहे वो अरबों सालों से दफ्न जमीन की गहराई से आए या फिर किसी साइंटिफिकि लैब से। मगर, क्या लैब में बना हीरा नकली होता है, अगर नहीं तो लैब वाला हीरा सस्ता और माइनिंग से निकला हीरा महंगा क्यों होता है? ये वो सवाल हैं जो हमेशा से एक आम खरीदार के ज़ेहन में बना रहता है। लैब ग्रोन डायमंड (Lab Grown Diamond) का मार्केट बीते कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है। प्रभुदास लीलाधर की एक रिपोर्ट कहती है कि दुनिया में मिलेनियल्स की सबसे बड़ी आबादी भारत में है, भारत भविष्य में लैब-ग्रोन डायमंड्स का सबसे बड़ा बाजार बन सकता है। मगर, आज भी लोगों को लैब ग्रोन डायमंड्स के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।

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