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MP के जंगलों में किस्मत बदलने वाले लाखों पेड़, 9 जिलों की दीदी-किसान बने लखपति, हजारों को ‘बाजार’ का इंतजार

MP News: पिंक सिटी जयपुर (राजस्थान) की लाख की चूड़ियां दुनिया भर में मशहूर हैं, लेकिन कहीं अगर आप ये सुनें कि ये जयपुरी नहीं एमपी की हैं…तो चौंकिएगा मत… क्योंकि सुहाग की निशानी और खूबसूरत ऐतिहासिक विरासत संजोने वाली लाख की चूड़ियों की आवाज से देश-दुनिया के बाजार जल्द ही एमपी के नाम से भी खनखनाते सुनाई देंगे। बड़ी बात ये भी है कि एमपी की लाख से ही जयपुरी लाख की चूड़ियां भी तैयार की जा रही हैं। एमपी के जंगलों का ये छोटा सा उत्पादन प्रदेशभर के लाख उत्पादक आदिवासी अंचलों के किसानों और सैकड़ों 'दीदी' को लखपति बना चुका है, तो हजारों को आत्मनिर्भरता के सपने दिखा रहा है। अगर कुछ कमी है तो वो है स्थायित्व और बाजार की... पढ़ें patrika.com की खास पेशकश…

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MP News

MP News: photo: patrika creation

MP News: सूरज की पहली किरण जब महेंद्र सोलंकी के खेत पर पड़ती है, तो पेड़ों पर चमकते लाल लाख के गुच्छों की चमक उनकी आंखों में तैरती नजर आती है। उम्मीदों से भरा उनका मन चेहरे पर झिलमिलाता नजर आता है। अपनी जमीन पर लाख की खेती शुरू करने वाले महेंद्र आज लखपति बन गए। क्योंकि दो साल में न सिर्फ इन्होंने लाख की खेती करना सीखा, बल्कि पड़ी-पड़ी बंजर हो रही अपनी जमीन पर लाख का वैज्ञानिक पद्धति से प्लांटेशन भी शुरू किया। 4 महीने में पहली फसल से 2 से ढाई लाख क्विंटल का उत्पादन लिया। पहली बार उत्पादित फसल का बाजार में लाखों रुपए में सौदा हुआ और वो 7 महीने में ही लखपति किसान बन गए।

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