अब प्रज्ञा ठाकुर तय करेंगी अध्यात्म की राह या राजनीति का सफर
Malegaon Blast Case Verdict: 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस ने 17 साल तक साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के राजनीतिक करियर और आध्यात्मिक आचरण को बुरी तरह प्रभावित किया, लेकिन आज वे और उनके समर्थक सुकून में हैं। मालेगांव ब्लास्ट केस का फैसला न सिर्फ न्यायिक प्रणाली का परिणाम है, बल्कि यह भारत की राजनीति में एक विचारधारा की पुनर्पुष्टि भी है। 17 साल तक आतंकी आरोपी कहकर घेरने वाली आवाजें आज चुप हैं और प्रज्ञा अपने समर्थकों के बीच एक धार्मिक योद्धा और न्याय की प्रतीक बनकर खड़ी हैं। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि एक साध्वी अध्यात्म की राह पर चलना पसंद करेगी या फिर एक पूर्व सांसद राजनीति के पायदान पर चलते हुए सियासत की नई इबारत लिखेगी...