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Rajasthan : राजस्थान में साक्षरता निदेशालय बना जुगाड़ का अड्डा, पहले साक्षरता अधिकारी को देते हैं ट्रेनिंग, फिर हटा देते हैं, क्यों

Rajasthan : राजस्थान में साक्षरता की दर बढ़ाने के लिए अलग से साक्षरता निदेशालय संचालित है। पर कमाल की बात है कि जिला स्तर पर साक्षरता अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं। सरकार इन अधिकारियों को अनुभवी बनाने के लिए लाखों रुपए ट्रेनिंग पर खर्च करती हैं। अनुभवी होते ही अधिकारियों को हटा दिया जाता है। क्यों।

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Rajasthan Literacy Directorate become a hub of Jugaad first give training Literacy Officer then remove him why

ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

Rajasthan : राजस्थान में साक्षरता की दर बढ़ाने के लिए अलग से साक्षरता निदेशालय संचालित है। इसमें निदेशालय से लेकर जिला स्तर पर जिला साक्षरता अधिकारी और ब्लॉक में कॉर्डिनेटर लगा रखे हैं, लेकिन ब्लॉक से जिला और निदेशालय तक चहेतों को पोस्टिंग दी जा रही है। अब निदेशालय जुगाड़ की जगह बन चुका है। ऐसे में साक्षरता बढ़ाने के लक्ष्य से विभाग भटक रहा है। हाल ही सभी जिलों में ब्लॉक कॉर्डिनेटर हटाकर नए लगाए गए हैं। स्थिति यह है कि कई जिलों में ब्लॉक कॉर्डिनेटर कम्प्यूटर तक चलाना नहीं जानते। ये कॉर्डिनेटर तकनीक में पूरी तरह ‘निरक्षर’ है। हाल ही निदेशालय को 31 लाख 92 हजार निरक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य दिया गया है।

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