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भोरमदेव अभयारण्य में बाघों के लिए खाली होंगे गांव, प्राकृतिक धरोहर बचाने की कवायद

CG Eco Tourism: भोरमदेव अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने की तैयारी तेज है। बाघों के संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए 6 गांवों के पुनर्वास की योजना बनाई जा रही है।

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भोरमदेव में विकास और संरक्षण की नई कहानी (photo source- Patrika)

भोरमदेव में विकास और संरक्षण की नई कहानी (photo source- Patrika)

यशवंत झारिया/CG Eco Tourism: छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र में एक बड़ा और दूरगामी फैसला आकार ले रहा है। भोरमदेव अभयारण्य को टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इस योजना का सबसे अहम हिस्सा है-अभयारण्य के भीतर बसे गांवों का पुनर्वास। यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है।

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