
documents to check before buying property : घर खरीदने से पहले क्या ध्यान दें।
घर खरीदना जिंदगी के सबसे बड़े निवेशों में से एक होता है। लेकिन कई लोग लोकेशन, कीमत और इंटीरियर देखकर फैसला कर लेते हैं, जबकि असली जांच सरकारी रिकॉर्ड और कानूनी दस्तावेजों की होती है। एक छोटी सी चूक भविष्य में कोर्ट केस, कब्जे के विवाद या बैंक लोन की परेशानी खड़ी कर सकती है।
विशेषज्ञों और RERA से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार घर खरीदने से पहले कम से कम 10 सरकारी रिकॉर्ड और कानूनी दस्तावेज जरूर जांचने चाहिए।
अगर आप किसी बिल्डर से फ्लैट या प्लॉट खरीद रहे हैं तो सबसे पहले उसका RERA रजिस्ट्रेशन जरूर जांचें। RERA पोर्टल पर प्रोजेक्ट की मंजूरी, निर्माण की स्थिति, तय समयसीमा और बिल्डर के खिलाफ दर्ज शिकायतों की जानकारी मिल जाती है। इससे फर्जी या अधूरी परियोजनाओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
घर या प्लॉट खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि जमीन का वास्तविक मालिक कौन है। इसके लिए सेल डीड, टाइटल डीड और अन्य स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए। यदि स्वामित्व रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं है तो भविष्य में कानूनी विवाद खड़ा हो सकता है।
कई बार जमीन पर कोर्ट केस चल रहा होता है या वह किसी बैंक के पास गिरवी रखी होती है। ऐसी स्थिति का पता लगाने के लिए एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट (EC) देखा जाता है। यह दस्तावेज बताता है कि संपत्ति पर कोई कानूनी या वित्तीय बोझ है या नहीं।
किसी भी भवन का निर्माण स्थानीय विकास प्राधिकरण या नगर निकाय से मंजूर नक्शे के अनुसार होना चाहिए। यदि बिल्डर ने मंजूर नक्शे से अलग निर्माण किया है तो भविष्य में कार्रवाई या ध्वस्तीकरण का खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए स्वीकृत नक्शा जरूर देखें।
यदि किसी बड़े बैंक ने प्रोजेक्ट को होम लोन के लिए मंजूरी दी है तो इसका मतलब है कि बैंक ने भी परियोजना की कुछ कानूनी और तकनीकी जांच की है। हालांकि केवल बैंक अप्रूवल पर निर्भर रहने के बजाय खरीदार को अपनी तरफ से भी दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए।
तैयार फ्लैट खरीदते समय Completion Certificate (CC) और Occupancy Certificate (OC) जरूर देखना चाहिए। CC यह प्रमाणित करता है कि निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुसार पूरा हुआ है, जबकि OC बताता है कि इमारत रहने के लिए सुरक्षित और कानूनी रूप से मान्य है। इनके बिना भविष्य में कई प्रशासनिक और कानूनी समस्याएं आ सकती हैं।
घर खरीदने से पहले यह पता कर लें कि संपत्ति पर कोई प्रॉपर्टी टैक्स, पानी या बिजली का बकाया तो नहीं है। साथ ही म्यूटेशन रिकॉर्ड भी जांचें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सरकारी रिकॉर्ड में संपत्ति सही मालिक के नाम दर्ज है। इससे भविष्य में स्वामित्व संबंधी विवादों से बचा जा सकता है।
रियल एस्टेट से जुड़े कई खरीदार और कानूनी विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि RERA रिकॉर्ड, टाइटल डीड, एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट और मंजूर नक्शा हमेशा सरकारी पोर्टल या स्वतंत्र वकील से सत्यापित करवाना चाहिए। केवल ब्रोशर या बिल्डर के दावों पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
| रिकॉर्ड | महत्व |
|---|---|
| 🏢 RERA रजिस्ट्रेशन | प्रोजेक्ट की वैधता |
| 📜 टाइटल डीड | असली मालिक की पहचान |
| ⚖️ एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट (EC) | विवाद और लोन की जांच |
| 🗺️ मंजूर नक्शा | अवैध निर्माण से बचाव |
| 🏘️ CLU / लैंड यूज | जमीन का सही उपयोग |
| 🏦 बैंक अप्रूवल | अतिरिक्त कानूनी जांच |
| 🚧 Commencement Certificate | निर्माण की वैध अनुमति |
| 🏗️ Completion Certificate | निर्माण पूरा होने का प्रमाण |
| 🏠 Occupancy Certificate (OC) | रहने की कानूनी मंजूरी |
| 📑 टैक्स व म्यूटेशन रिकॉर्ड | भविष्य के विवादों से सुरक्षा |
Updated on:
06 Aug 2026 10:32 am
Published on:
06 Aug 2026 10:32 am
