17 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

उम्र बढ़ने की रफ्तार धीमी कर सकते हैं ये फूड्स! थाली में जरूर करें शामिल

क्या आप जानते हैं कि आपकी थाली में छिपे हैं उम्र बढ़ने के खिलाफ जंग जीतने के राज? चलिए, जानें वो सुपरफूड्स जो आपके स्वास्थ्य को न सिर्फ बनाएंगे बेहतर, बल्कि आपको देंगे जवां जोश का एहसास!
3 min read
Google source verification

भारत

image

Ravi Gupta

Aug 17, 2026

Anti aging foods

प्रतीकात्मक तस्वीर | Credit- ChatGPT

उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने के उपायों में आहार का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। हाल के शोध बताते हैं कि कुछ खास खाद्य पदार्थ उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में मददगार हो सकते हैं। आइए जानते हैं, वैज्ञानिक आधार पर कौन से खाद्य पदार्थ हैं, कैसे काम करते हैं, और इन्हें अपनी थाली में कैसे शामिल करें।

प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स और बायोएक्टिव कंपाउंड्स

पौधों में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे फ्लावोनॉयड्स, कैरोटेनॉयड्स, विटामिन C, टैनिन्स और अन्य बायोएक्टिव पदार्थ ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद करते हैं, जो उम्र बढ़ने की मुख्य वजहों में से एक है।

"Journal of Clinical Biochemistry and Nutrition" (2023) के अनुसार, करक्यूमिन (हल्दी में), बाकोसाइड्स (बकोपा मोनिएरी में), गिंसेनोसाइड्स (पैनैक्स जिनसेंग में) जैसे घटक सेलुलर स्तर पर उम्र बढ़ने के रास्तों (जैसे AMPK, SIRT/NAD+, mTOR) को प्रभावित करते हैं और स्वस्थ उम्र बढ़ने में योगदान देते हैं।

फलों, सब्जियों, दालों, नट्स और साबुत अनाज जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों में मौजूद पॉलीफेनॉल्स, ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, कैरोटेनॉयड्स और विटामिन्स सूजन (इन्फ्लेमेशन) को कम करते हैं और ‘इन्फ्लेमेजिंग’ (inflammaging) को धीमा करते हैं।

संतुलित और विविध आहार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, एक स्वस्थ आहार में विविधता, संतुलन, और पौष्टिकता होनी चाहिए जिसमें साबुत अनाज, फल, सब्जियां, दालें और नट्स शामिल हों, और संतृप्त व ट्रांस फैट, अतिरिक्त चीनी और नमक सीमित मात्रा में हों।

भारत के लिए FAO द्वारा तैयार खाद्य पिरामिड में अनाज और दालें आधार में हैं, उसके ऊपर फल और सब्जियां, फिर पशु-उत्पाद और तेल, और सबसे ऊपर अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें कम खाना चाहिए।

बुजुर्गों के लिए विशेष सुझाव

ICMR-NIN (भारतीय पोषण संस्थान) की गाइडलाइन्स के अनुसार, बुजुर्गों को रोजाना कम से कम 200 - 400 मिलीलीटर कम वसा वाला दूध या दूध उत्पाद, मुट्ठी भर नट्स और तेलबीज, और 400–500 ग्राम सब्जियां और फल खाने की सलाह दी गई है। साथ ही साबुत अनाज और दालें नियमित रूप से शामिल करनी चाहिए। यह आहार प्रोटीन, कैल्शियम, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और फाइबर की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करता है जो उम्र बढ़ने से जुड़ी समस्याओं (जैसे हड्डियों की कमजोरी, मांसपेशियों का क्षय) से बचाव में मदद करता है।

स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए सुझाव

आप अपनी थाली में इन खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकते हैं:

  • रोजाना रंग-बिरंगे फल और सब्जियां - जैसे पालक, गाजर, टमाटर, मौसमी फल जो एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन से भरपूर होते हैं।
  • साबुत अनाज जैसे ब्राउन राइस, ज्वार, बाजरा, ओट्स और दालें - ये फाइबर और पौष्टिकता देते हैं।
  • नट्स और बीज जैसे बादाम, अखरोट, अलसी जो हेल्दी फैट्स और ओमेगा-3 प्रदान करते हैं।
  • हल्दी, अदरक, लहसुन जैसे मसाले - इनमें सूजन-रोधी गुण होते हैं।
  • कम वसा वाला दूध या दही प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत।
  • मछली या अंडे (यदि आप खाते हैं) - ओमेगा-3 और उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन देते हैं।
  • प्रोबायोटिक खाद्य जैसे दही या छाछ - पाचन और इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद।

इन खाद्य पदार्थों को रोजमर्रा की थाली में शामिल करने से उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है, त्वचा, दिमाग और हड्डियों को फायदा होता है।

सुपरफूड को चमत्कारी ना समझें!

कोई एक सुपरफूड चमत्कारी असर नहीं करता - यह संतुलित और विविध आहार का असर होता है। बहुत अधिक मात्रा में सप्लीमेंट्स या एक ही खाद्य पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। यदि आपको कोई पुरानी बीमारी है जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, या कोई एलर्जी तो आहार में बदलाव से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए सबसे असरदार तरीका है - प्राकृतिक, पौष्टिक और विविध आहार। हल्दी, नट्स, साबुत अनाज, फल-सब्जियां, दही और मसाले - ये सब मिलकर आपके शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। उम्र बढ़ना रोका नहीं जा सकता, लेकिन इसे स्वस्थ और सक्रिय बनाना संभव है।

आपकी अगली थाली में इन सुपरफूड्स को शामिल करें, और अपने शरीर को समय के साथ बेहतर बनाएं।

डिस्क्लेमर - यह लेख चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है, बल्कि जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है।