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सितंबर 2026 का पहला प्रदोष व्रत मंगलवार को पड़ रहा है। मंगलवार के दिन आने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष कहा जाता है। इस बार भौम प्रदोष व्रत 8 सितंबर 2026 को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से जीवन की परेशानियां कम होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होने का आशीर्वाद मिलता है। ज्योतिष गणना के अनुसार इस बार का भौम प्रदोष कुछ राशियों के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है। इन राशियों के जातकों को धन, नौकरी, व्यापार और करियर से जुड़े मामलों में लाभ मिलने की संभावना बताई गई है।
प्रदोष व्रत हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन सूर्यास्त के आसपास का समय भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। जब प्रदोष व्रत मंगलवार को पड़ता है, तो इसे भौम प्रदोष कहा जाता है। मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह और भगवान हनुमान से भी माना जाता है। इसलिए इस दिन भगवान शिव के साथ हनुमान जी की पूजा करने की परंपरा है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार भौम प्रदोष व्रत रखने से साहस, आत्मविश्वास और ऊर्जा बढ़ती है। साथ ही कर्ज, आर्थिक परेशानी और जीवन में आ रही रुकावटों से राहत मिलने की कामना की जाती है। सितंबर के इस प्रदोष व्रत पर पूजा का समय स्थानीय सूर्यास्त के अनुसार अलग हो सकता है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार प्रदोष पूजा का समय शाम लगभग 6 बजकर 35 मिनट से रात 8 बजकर 52 मिनट तक बताया गया है।
मेष राशि के जातकों के लिए भौम प्रदोष व्रत शुभ माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस दिन मंगल ग्रह की कृपा से आत्मविश्वास बढ़ सकता है। जो लोग लंबे समय से करियर में किसी बाधा का सामना कर रहे हैं, उन्हें राहत मिलने की संभावना है।
नौकरीपेशा लोगों को अपने काम में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। नई जिम्मेदारी मिलने या किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में सफलता प्राप्त होने के संकेत बताए जा रहे हैं। हालांकि जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना होगा। किसी भी अवसर का लाभ उठाने से पहले पूरी जानकारी लेना बेहतर रहेगा।
मकर राशि के जातकों के लिए यह भौम प्रदोष धन और करियर दोनों क्षेत्रों में लाभ देने वाला माना जा रहा है। इस दौरान मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। लंबे समय से रुका हुआ काम आगे बढ़ सकता है और आर्थिक स्थिति में सुधार के अवसर बन सकते हैं।
व्यापार करने वाले लोगों को नए संपर्कों से लाभ मिल सकता है। नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि की उम्मीद रखने वाले लोगों को सकारात्मक समाचार मिल सकता है। हालांकि आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी होगा।
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए भौम प्रदोष व्रत विशेष फलदायी बताया जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार भगवान शिव और हनुमान जी की कृपा से पुरानी वित्तीय समस्याओं से राहत मिल सकती है। आय के नए स्रोत बनने के संकेत भी बताए गए हैं।
यदि किसी व्यक्ति का पैसा लंबे समय से अटका हुआ है, तो उसके वापस मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी या व्यापार में अतिरिक्त कमाई का अवसर मिल सकता है। इस समय खर्चों पर नियंत्रण रखना और बचत पर ध्यान देना आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकता है।
सिंह राशि के जातकों के लिए भी यह भौम प्रदोष शुभ माना जा रहा है। नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को मेहनत का परिणाम मिलने की संभावना बताई गई है।
व्यापार में साझेदारी करने वाले लोगों को लाभ मिल सकता है। पुराने कर्ज चुकाने की दिशा में भी प्रगति होने के संकेत हैं। परिवार में सुख शांति का वातावरण बना रह सकता है। हालांकि साझेदारी से जुड़े मामलों में लिखित समझौता करना और आर्थिक लेनदेन में पारदर्शिता रखना जरूरी होगा।
भौम प्रदोष के दिन सुबह स्नान करके भगवान शिव का ध्यान करना चाहिए। इसके बाद शिवलिंग पर जल, गंगाजल, दूध, बेलपत्र, अक्षत और सफेद फूल अर्पित किए जा सकते हैं। भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाते समय पत्ते साफ और साबुत होने चाहिए।
शाम के समय प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। शिव मंत्र का जाप करें और अपनी क्षमता के अनुसार व्रत रखें। मंगलवार होने के कारण हनुमान जी की पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ और जरूरतमंदों को भोजन कराना भी शुभ माना जाता है।
भौम प्रदोष पर राशियों को लेकर बताए गए फल ज्योतिषीय गणना और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए। जीवन में सफलता के लिए मेहनत, सही योजना और समझदारी से निर्णय लेना सबसे जरूरी है। व्रत रखने वाले लोगों को अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। किसी बीमारी, कमजोरी या चिकित्सकीय स्थिति में कठोर उपवास करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहेगा।
(डिस्क्लेमरः यह लेख ज्योतिष शास्त्र की पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है, वैज्ञानिक तथ्य पर नहीं। कृपया इसे आस्था के रूप में लें और महत्वपूर्ण निर्णयों से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।)
Updated on:
06 Sept 2026 04:37 pm
Published on:
06 Sept 2026 04:37 pm
