
प्रतीकात्मक तस्वीर | ChatGPT
पूर्णिया और नालंदा जैसे जिलों में वर्मी पिट (वर्मी कंपोस्ट पिट) बनाने पर सरकार 50% तक सब्सिडी दे रही है। यह योजना जैविक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक ठोस कदम है। नीचे जानिए कि इस योजना का लाभ कैसे उठाया जा सकता है और इसके पीछे की प्रक्रिया क्या है।
बिहार सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए वर्मी कंपोस्ट पिट बनाने पर 50% तक सब्सिडी दे रही है। पूर्णिया जिले में लगभग 1,400 किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा, जहां किसान तीन पिट (10x3x2.5 फीट आकार के) बनाकर आवेदन कर सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करना और मिट्टी की सेहत सुधारना है।
नालंदा जिले में भी इसी तरह की पहल की गई है, जहां 1,300 वर्मी कंपोस्ट इकाइयों पर 50% अनुदान मिलेगा। एक पिट की लागत लगभग 10,000 रुपये है, जिस पर 5,000 रुपये की सब्सिडी मिलती है। एक किसान अधिकतम तीन पिट बना सकता है, जिससे कुल 15,000 रुपये तक की सब्सिडी प्राप्त हो सकती है। पिट का आकार वही—10 फीट लंबा, 3 फीट चौड़ा और 2.5 फीट ऊंचा—निर्धारित है, तथा ऊपर शेड लगाना अनिवार्य है।
सबसे पहले, किसान को बिहार कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर पंजीकृत होना आवश्यक है। पंजीकरण के लिए आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और सक्रिय बैंक खाता अनिवार्य है। पंजीकरण के बाद किसान को 13 अंकों का पंजीकरण नंबर प्राप्त होता है, जिसकी सहायता से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
आवेदन प्रक्रिया में किसान को योजना के अंतर्गत वर्मी कंपोस्ट पिट का चयन करना होगा, आवश्यक दस्तावेज जैसे भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र, राजस्व रसीद आदि अपलोड करने होंगे, और आवेदन जमा करने पर पावती प्राप्त होगी। आवेदन का सत्यापन पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर कृषि अधिकारियों द्वारा किया जाता है।
लाभ और सावधानियां वर्मी कंपोस्ट पिट से सालाना लगभग 2,500 किलो जैविक खाद तैयार की जा सकती है, जिससे खेतों में यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों की खपत कम होती है। इससे खेती की लागत घटती है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है।
हालांकि, आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपने पहले इस योजना का लाभ नहीं लिया है—कुछ जिलों में केवल नए लाभार्थियों को ही अवसर दिया जा रहा है। आवेदन प्रक्रिया “पहले आओ–पहले पाओ” के आधार पर भी हो सकती है, इसलिए समय पर आवेदन करना महत्वपूर्ण है।
| जिला/क्षेत्र | पिट की संख्या | पिट का आकार (फीट) | सब्सिडी राशि (प्रति पिट) | अधिकतम सब्सिडी (प्रति किसान) |
|---|---|---|---|---|
| पूर्णिया | 3 | 10x3x2.5 | 50% लागत (आंकड़ा नहीं) | — |
| नालंदा | 3 | 10x3x2.5 | ₹5,000 | ₹15,000 |
आगे का कदम यदि आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो सबसे पहले DBT पोर्टल पर पंजीकरण करें और पंजीकरण संख्या प्राप्त करें। फिर योजना के अंतर्गत वर्मी कंपोस्ट पिट विकल्प चुनकर आवेदन करें। दस्तावेज तैयार रखें और समय रहते आवेदन जमा करें। आवेदन की स्थिति SMS या ईमेल के माध्यम से मिलती रहेगी।
यह योजना जैविक खेती की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर है। मिट्टी की सेहत सुधारने, लागत घटाने और आय बढ़ाने के लिए यह कदम आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
Updated on:
15 Sept 2026 06:09 pm
Published on:
15 Sept 2026 06:09 pm
