
कैंडल लाइट योग के फायदे। (फोटोः एआई)
शाम की हल्की रोशनी में, मोमबत्ती की मंद चमक के बीच योग का अभ्यास करना तनाव को कम करने और मन को शांत करने का एक सरल, लेकिन प्रभावी तरीका हो सकता है। जब दिनभर की भागदौड़ के बाद मन और शरीर थक जाते हैं, तब कैंडल लाइट योग (Candlelight Yoga) एक कोमल, सुकून देने वाला मार्ग बनकर सामने आता है।
कैंडल लाइट योग में पारंपरिक योगाभ्यास जैसे स्ट्रेचिंग, श्वास पर ध्यान और हल्के आसन को एक शांत, मंद रोशनी वाले वातावरण में किया जाता है। इस अभ्यास का उद्देश्य शारीरिक व्यायाम से अधिक मानसिक शांति और विश्राम पर ध्यान केंद्रित करना होता है। मोमबत्ती की गर्म रोशनी, तेज कृत्रिम रोशनी की तुलना में मस्तिष्क को अधिक आराम देती है और नींद के लिए तैयार करती है।
कैंडल लाइट योग में त्राटक (Trataka) या कैंडल फ्लेम गेजिंग जैसी ध्यान तकनीक भी शामिल हो सकती है, जिसमें मोमबत्ती की लौ को एकटक निहारकर मन को स्थिर किया जाता है। यह तकनीक मानसिक तनाव, बेचैनी और अनिद्रा जैसी समस्याओं में लाभकारी मानी जाती है।
योग, विशेषकर हठ योग (Hatha Yoga), तनाव और चिंता को कम करने में प्रभावी पाया गया है। नेशनल सेंटर फॉर कॉम्प्लिमेंटरी एंड इंटीग्रेटिव हेल्थ (NCCIH) की समीक्षा में बताया गया है कि योग तनाव प्रबंधन, मानसिक-भावनात्मक स्वास्थ्य, नींद और संतुलन सुधारने में सहायक हो सकता है।
एक हालिया स्कोपिंग समीक्षा में पाया गया कि एकल हठ योग सत्र (लगभग 45 मिनट) वयस्कों (चाहे वे स्वस्थ हों या मानसिक रोग से ग्रसित) में चिंता और तनाव को कम कर सकता है। इसमें कॉर्प्स पोज (शवासन), कैट-काउ स्ट्रेच और श्वास अभ्यास शामिल थे।
इसके अलावा, एक यादृच्छिक नियंत्रित अध्ययन (Randomized Controlled Trial) में पाया गया कि धीमी प्राणायाम (श्वास तकनीक) और शवासन को नियमित मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के साथ जोड़ने से चिंता की गंभीरता कम हुई, जीवन की गुणवत्ता बेहतर हुई और तनाव से जुड़े जैव-चिन्हों जैसे कॉर्टिसोल (तनाव हार्मोन) में कमी और BDNF (मस्तिष्क-जनित न्यूरोट्रॉफिक फैक्टर) में वृद्धि देखी गई।
कैंडल लाइट योग में ट्राटक जैसी ध्यान तकनीक शामिल होने से, यह अभ्यास मानसिक शांति और नींद सुधारने में और भी अधिक प्रभावी हो सकता है।
शुरुआत में, एक शांत और सुरक्षित स्थान चुनें, जहां मोमबत्ती बिना किसी जोखिम के रखी जा सके।
यह अभ्यास बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, कामकाजी वयस्कों, गृहिणियों और अभिभावकों सभी के लिए उपयुक्त हो सकता है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है, जिन्हें दिनभर की तेज रोशनी और तनाव से राहत चाहिए।
हालांकि, त्राटक या मोमबत्ती की लौ को देखने से माइग्रेन, ग्लूकोमा या मिर्गी (एपिलेप्सी) जैसी स्थितियों में समस्या हो सकती है, ऐसे मामलों में पहले डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।
NCCIH की समीक्षा बताती है कि योग तनाव और चिंता को कम करने, नींद सुधारने और मानसिक-भावनात्मक स्वास्थ्य बढ़ाने में सहायक है। 45 मिनट का एकल हठ योग सत्र भी तनाव और चिंता में कमी ला सकता है। धीमी प्राणायाम और शवासन का संयोजन चिंता विकार वाले लोगों में चिंता को कम करने और जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने में प्रभावी पाया गया है।
(डिस्क्लेमरः यह लेख डॉक्टर का विकल्प नहीं है, आवश्यकता पड़ने पर योग विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लें।)
Updated on:
24 Aug 2026 09:01 pm
Published on:
24 Aug 2026 09:01 pm
