
बिजली बिल कम कैसे करें? (फोटोः एआई)
अगर आपका हर महीने बिजली का बिल पहले से ज्यादा आने लगा है, तो सिर्फ बिजली की दर बढ़ने को जिम्मेदार मानना सही नहीं होगा। घर में इस्तेमाल होने वाले AC, फ्रिज, पंखे, कूलर और गीजर की कुछ छोटी गलतियां भी लगातार बिजली की खपत बढ़ा सकती हैं। खासतौर पर गर्मी और उमस के मौसम में एसी और कूलर ज्यादा चलने से यह असर बिल में साफ दिखाई देता है।
Bureau of Energy Efficiency यानी BEE के मुताबिक एसी का तापमान 20-21 डिग्री की जगह 24-26 डिग्री रखने से बिजली की खपत काफी कम की जा सकती है। बीईई के अनुसार एसी का तापमान 1 डिग्री बढ़ाने पर करीब 6% बिजली बचने की संभावना होती है। 20 से 24 डिग्री करने पर करीब 24% तक बचत का अनुमान दिया गया है।
यानी बिजली बचाने के लिए आपको AC, फ्रिज, पंखे और गीजर बंद करने की जरूरत नहीं है। जरूरत है, इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल करने की।
बहुत से लोग कमरे को जल्दी ठंडा करने के लिए AC को 18 या 20 डिग्री पर सेट कर देते हैं। यह जरूरी नहीं है। BEE ने 24-26 डिग्री को बेहतर और ऊर्जा बचाने वाली सेटिंग बताया है।
क्या करें: AC को करीब 24-26 डिग्री पर रखें और कमरे के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें। AC का फिल्टर भी नियमित रूप से साफ करें।
धूल से भरा फिल्टर हवा के प्रवाह को प्रभावित कर सकता है और AC को ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। इससे बिजली की खपत बढ़ सकती है।
क्या करें: फिल्टर की नियमित सफाई करें और जरूरत के अनुसार AC की सर्विस कराएं।
फ्रिज को जरूरत से ज्यादा ठंडे स्तर पर रखने से बिजली की खपत बढ़ सकती है। साथ ही फ्रिज को बार-बार खोलना और गर्म खाना सीधे अंदर रखना भी कूलिंग पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
क्या करें: फ्रिज की निर्माता कंपनी की सुझाई सेटिंग रखें, गर्म खाना पहले सामान्य तापमान तक आने दें और दरवाजा जरूरत से ज्यादा देर तक खुला न रखें।
BEE के Standards and Labelling Programme में फ्रिज भी शामिल है। खरीदते समय स्टार रेटिंग और लेबल पर दी गई ऊर्जा खपत की जानकारी देखना इसलिए महत्वपूर्ण है।
फ्रिज के आसपास पर्याप्त जगह न होने पर गर्मी बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है। इससे कंप्रेसर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
क्या करें: फ्रिज को निर्माता के निर्देश के अनुसार दीवार से उचित दूरी पर रखें और पीछे की वेंटिलेशन व्यवस्था को बंद न करें।
पंखा AC की तुलना में कम बिजली लेता है, लेकिन घर में कई पंखे लंबे समय तक बेवजह चलते रहें तो कुल खपत बढ़ती है।
क्या करें: जिस कमरे में कोई नहीं है वहां पंखा बंद रखें। पुराने पंखे ज्यादा बिजली लेते हों तो ऊर्जा दक्ष मॉडल पर विचार करें। BEE की स्टार रेटिंग व्यवस्था उपभोक्ताओं को ज्यादा ऊर्जा दक्ष उपकरण चुनने में मदद करती है।
कूलर की बिजली खपत AC से अलग होती है, लेकिन उमस वाले मौसम में उसका लगातार इस्तेमाल जरूरी नहीं होता। जब हवा में नमी पहले से ज्यादा हो तो कूलर की कूलिंग भी कम प्रभावी महसूस हो सकती है।
क्या करें: मौसम के अनुसार कूलर का इस्तेमाल करें और कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखें। जरूरत न होने पर पंप और पंखा दोनों बंद करें।
गीजर को लगातार ऑन रखने की आदत बिजली की खपत बढ़ा सकती है। पानी गर्म होने के बाद भी सिस्टम तापमान बनाए रखने के लिए ऊर्जा इस्तेमाल कर सकता है।
क्या करें: गीजर को जरूरत से कुछ समय पहले चलाएं और पानी गर्म होने के बाद बंद कर दें। टाइमर या ऑटो कट वाले मॉडल का इस्तेमाल भी उपयोगी हो सकता है।
गीजर भी BEE के अनिवार्य स्टार लेबल वाले उपकरणों में शामिल है। इसलिए नया गीजर खरीदते समय उसकी ऊर्जा दक्षता और वार्षिक बिजली खपत जरूर देखें।
टीवी, सेट-टॉप बॉक्स, कंप्यूटर, गेमिंग कंसोल, चार्जर और दूसरे उपकरण बंद दिखाई देने के बावजूद प्लग में लगे रहने पर कुछ बिजली खींच सकते हैं। इसे आम तौर पर Standby Power कहा जाता है।
हर उपकरण की Standby खपत अलग होती है, इसलिए इससे होने वाली बचत का कोई एक तय आंकड़ा सभी घरों पर लागू नहीं किया जा सकता।
क्या करें: जिन उपकरणों का लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं होना है, उन्हें स्विच बोर्ड से बंद करें या जरूरत के अनुसार प्लग निकालें।
पुराने AC, फ्रिज, गीजर या दूसरे उपकरण नई ऊर्जा दक्ष तकनीक वाले मॉडल की तुलना में ज्यादा बिजली ले सकते हैं। हालांकि सिर्फ बिजली बचाने के लिए तुरंत उपकरण बदलना जरूरी नहीं है। पहले उसकी वास्तविक खपत और मरम्मत लागत देखें।
BEE के अनुसार स्टार लेबल उपभोक्ताओं को उपकरण की ऊर्जा दक्षता और संभावित लागत बचत समझने में मदद करता है। स्टार रेटिंग 1 से 5 तक होती है और ज्यादा स्टार सामान्य तौर पर बेहतर ऊर्जा दक्षता को दर्शाते हैं।
कई बार बिल बढ़ने का कारण किसी एक उपकरण की गलती नहीं बल्कि कई उपकरणों का लंबे समय तक इस्तेमाल होता है। AC, कूलर, पंखा, गीजर, वॉशिंग मशीन और दूसरे भारी उपकरणों का उपयोग मिलकर मासिक खपत काफी बढ़ा सकता है।
क्या करें: हर महीने मीटर की यूनिट नोट करें और देखें कि किस अवधि में खपत सबसे ज्यादा बढ़ी। इससे असली कारण पकड़ना आसान होगा।
इसका कोई एक तय आंकड़ा नहीं है। बचत आपके AC की क्षमता, रोजाना इस्तेमाल के घंटे, मौसम, घर के आकार, उपकरणों की स्टार रेटिंग और बिजली दर पर निर्भर करती है।
उदाहरण के लिए BEE के अनुसार AC का तापमान 1 डिग्री बढ़ाने पर करीब 6% बिजली बच सकती है। इसलिए अगर किसी घर में AC ही बिजली खपत का बड़ा हिस्सा है तो सिर्फ तापमान की सही सेटिंग से भी फर्क पड़ सकता है।
मान लीजिए किसी AC की खपत और इस्तेमाल के आधार पर वह महीने में 180 यूनिट बिजली ले रहा है। 6% का अंतर लगभग 11 यूनिट के बराबर हो सकता है। यह सिर्फ समझाने के लिए अनुमान है, वास्तविक बचत अलग हो सकती है।
बिजली बचाने का सबसे असरदार तरीका किसी एक उपकरण को पूरी तरह बंद करना नहीं, बल्कि रोजाना की छोटी आदतों को बदलना है। बीईई का स्टार लेबलिंग कार्यक्रम भी इसी दिशा में उपभोक्ताओं को ऊर्जा दक्ष उपकरण चुनने और बिजली की खपत कम करने में मदद करता है।
इसलिए अगर बिजली बिल अचानक बढ़ गया है तो अगला बिल आने का इंतजार न करें। आज ही AC की सेटिंग, फ्रिज, पंखे, कूलर, गीजर और Standby Power की आदतों की जांच करें। यही 10 छोटी गलतियां सुधरने के बाद आपके घर की बिजली खपत पर वास्तविक फर्क पड़ सकता है।
Updated on:
16 Aug 2026 01:45 pm
Published on:
16 Aug 2026 01:45 pm
