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किस दिन रखना चाहिए व्रत? जानें राशि के अनुसार पूरे नियम

क्या आप जानते हैं कि आपकी राशि का व्रत आपके जीवन को कैसे बदल सकता है? राशि के अनुसार व्रत करके आप एक साधारण दिन को आध्यात्मिक साधना में बदल सकते हैं और ग्रहों की ऊर्जा को अपने पक्ष में कर सकते हैं, जानें कैसे।
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भारत

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Adarsh Thakur

Aug 30, 2026

Fasting Days

राशि अनुसार व्रत। (फोटोः एआई)

आध्यात्मिकता में व्रत का एक विशेष स्थान है। यह आत्मा को शुद्ध करने के साथ ही ग्रहों की ऊर्जा से जुड़ने का एक पारंपरिक मार्ग माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, प्रत्येक राशि के व्यक्ति के लिए सप्ताह के किसी विशेष दिन का व्रत रखना शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कि किन राशियों के लिए कौन-सा दिन व्रत के लिए उपयुक्त माना जाता है।

राशि और ग्रहों से जुड़ा व्रत का सिद्धांत

ज्योतिष में प्रत्येक ग्रह का एक विशेष दिन होता है, जिसे उस ग्रह से जुड़ी राशि वाले व्यक्ति के लिए व्रत के रूप में अपनाया जाता है। उदाहरण के लिए, रविवार को सूर्य (रवि) का दिन माना जाता है, सोमवार चंद्र (सोम), मंगलवार मंगल, बुधवार बुध, गुरुवार गुरु (बृहस्पति), शुक्रवार शुक्र और शनिवार शनि का दिन होता है। इस सिद्धांत के अनुसार, यदि आपकी राशि किसी ग्रह से प्रभावित है, तो उस ग्रह के दिन व्रत रखना शुभ माना जाता है।

राशि अनुसार व्रत का सुझाव

राशि (चंद्र राशि)संबंधित ग्रहव्रत का दिन
सिंह, मेष, धनुसूर्यरविवार
कर्क, मीनचंद्रसोमवार
मीन, वृश्चिकमंगलमंगलवार
मिथुन, कन्याबुधबुधवार
धनु, मीनबृहस्पतिगुरुवार
वृषभ, तुलाशुक्रशुक्रवार
मकर, कुंभशनिशनिवार

व्रत का आध्यात्मिक महत्व

व्रत केवल भूखा रहना नहीं है, यह आत्म-अनुशासन, मानसिक शांति और ग्रहों की ऊर्जा से जुड़ने का माध्यम है। जब आप किसी ग्रह के दिन व्रत रखते हैं, तो आप उस ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने का प्रयास करते हैं। यह परंपरा जीवन में संतुलन और मनोकामनाओं की पूर्ति में सहायक मानी जाती है।

व्रत की तैयारी और विधि

व्रत के दिन सुबह स्नान, पूजा और संकल्प करना महत्वपूर्ण होता है। व्रत के देवता की पूजा पंचोपचार या दशोपचार विधि से की जाती है। व्रत के दौरान क्रोध, लोभ, झूठ और आलस्य से दूर रहना चाहिए। यदि व्रत अधूरा रह जाए, तो तीन दिन तक अन्न का त्याग कर फिर से आरंभ करना शुभ माना जाता है।

कैसे अपनाएं नियम

सबसे पहले अपनी चंद्र राशि (Moon sign) जानें, यह ज्योतिषी या पंचांग से पता किया जा सकता है। फिर ऊपर दी गई तालिका के अनुसार उस ग्रह के दिन व्रत रखें। उदाहरण के लिए, यदि आपकी राशि कर्क है, तो सोमवार का व्रत आपके लिए उपयुक्त होगा। व्रत के दिन सुबह स्नान, पूजा, संकल्प और व्रत-देवता को ध्यान में रखकर व्रत आरंभ करें। व्रत के दौरान सात्विक आहार और सकारात्मक भाव बनाए रखें।

यदि आप नियमित रूप से व्रत रखना चाहते हैं, तो महीने में एक बार उस ग्रह के दिन व्रत रखकर शुरुआत करें। इससे आत्म-अनुशासन बढ़ता है और मानसिक शांति मिलती है। साथ ही, पंचांग या द्रिक पंचांग जैसे विश्वसनीय स्रोत से व्रत की तिथि और मुहूर्त की जानकारी समय-समय पर लेते रहें।

(डिस्क्लेमरः यह लेख ज्योतिष शास्त्र की पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है, वैज्ञानिक तथ्य पर नहीं। कृपया इसे आस्था के रूप में लें और महत्वपूर्ण निर्णयों से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।)