22 अगस्त 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

खेल-खेल में तेज दिमाग: वो 5 तरह के खेल जो बच्चों का फोकस, हेल्थ और फ्यूचर तीनों संवार देंगे

Games for Children Attention: दिनभर की भागदौड़ के बीच थोड़ा रुकिए और जरा सोचिए, अगर आपके बच्चे के हर खेल में फोकस और डेवलपमेंट का राज छिपा हो तो! हां, सही सोच रही हैं, खेल सिर्फ मस्ती नहीं, बल्कि सोचने और सीखने का एक बेहतरीन जरिया भी है, जानिए कैसे खेल उन्हें स्वस्थ और सफल बना सकते हैं
3 min read
Google source verification

भारत

image

Sanjana Kumar

Aug 22, 2026

Games for Children Attention

Games for Children Attention: खेल-खेल में दिमाग होगा तेज, जानें 5 गेम (AI Creative)

Games for Children Attention: बच्चों की ऊर्जा और जिज्ञासा को सकारात्मक दिशा में मोड़ने के लिए खेल एक सहज और असरदार माध्यम हैं। जब खेलों में शारीरिक गतिविधि और मज़ा दोनों हों, तो वे बच्चों का ध्यान खींचने के साथ-साथ उनकी सेहत, ध्यान और सामाजिक कौशल को भी मजबूत करते हैं।

शारीरिक गतिविधि से ध्यान और दिमागी विकास

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की 2020 की गाइडलाइन के अनुसार, 5-17 वर्ष के बच्चों को हर दिन औसतन कम से कम 60 मिनट मध्यम से तीव्र शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए, इसमें हृदय-शक्ति बढ़ाने वाले खेल और हड्डियों व मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम शामिल हों। हफ्ते में कम से कम 3 दिन तीव्र-स्तर की गतिविधि भी ज़रूरी है। यह गतिविधि न केवल शारीरिक फिटनेस और हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है, बल्कि इससे बच्चों की स्मरण शक्ति, कार्यकारी क्षमता (जैसे योजना बनाना, ध्यान बनाए रखना) और स्कूल में प्रदर्शन में भी सुधार होता है। WHO खुद कहता है कि, 'कुछ भी शारीरिक गतिविधि न करने से बेहतर है', यानी छोटी शुरुआत भी बेकार नहीं जाती।

खेलों के माध्यम से ध्यान में सुधार

अध्ययनों से पता चला है कि खुले (open-ended) शारीरिक खेलों ने बच्चों के ध्यान वितरण, आत्म-जागरूकता, सामाजिक-भावनात्मक कौशल और मोटर स्किल्स में बेहतर सुधार दिखाया। ऐसे खेल जो बच्चे को सोचने, निर्णय लेने और प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित करते हैं, ध्यान और सामाजिक समझ को बढ़ाते हैं।

इसके अलावा, एक रैंडमाइज्ड कंट्रोल ट्रायल (RCT) में पाया गया कि खेल-आधारित समन्वय गतिविधियों ने ध्यान प्रदर्शन, विशेषकर एकाग्रता और कार्य-समय में सुधार किया। भारत में हुए एक अध्ययन में स्कूली बच्चों पर सिर्फ 10 दिन के योग अभ्यास के बाद हाथ की स्थिरता, जो ध्यान और एकाग्रता का सीधा संकेतक मानी जाती है, में करीब 17% की त्रुटि-दर में कमी दर्ज की गई।

दूसरे स्कूली अध्ययनों में भी दो महीने के नियमित योग अभ्यास के बाद एकाग्रता, याददाश्त और तर्कशक्ति में सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण सुधार पाया गया।

खेल और ध्यान, मोटर स्किल्स का कनेक्शन

एक अन्य अध्ययन में यह पाया गया कि विशेष रूप से तैयार किए गए शारीरिक गतिविधि गेम्स (PA games) ने बच्चों की मोटर समन्वय (जैसे गेंद को पकड़ना, संतुलन) में सुधार किया और यह सुधार कार्यकारी कार्यों जैसे ध्यान और रोक को भी बेहतर बनाने में मददगार था। यह बताता है कि शारीरिक और मानसिक कौशल एक-दूसरे से जुड़े हैं।

डिजिटल और शारीरिक खेलों का मिश्रण

एक पायलट अध्ययन में एक 'बॉडी-ब्रेन ट्रेनर' नामक वीडियो गेम (जो शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की चुनौतियां देता है) को 7-12 वर्ष के बच्चों में 8 सप्ताह तक लागू किया गया। परिणामस्वरूप, माता-पिता की रिपोर्ट और वस्तुनिष्ठ परीक्षण दोनों में ध्यान में सुधार दिखा और यह लाभ एक साल बाद भी बरकरार रहा। यह बताता है कि डिजिटल और शारीरिक गतिविधियों का संयोजन बच्चों के ध्यान को मज़बूत कर सकता है।

खेलों के लाभों का सारांश

लाभ - विवरण

-ध्यान और कार्यकारी क्षमता - खुले खेल और समन्वय गतिविधियां, ध्यान, स्मरण और कार्य-समय में सुधार करती हैं - मोटर कौशल- खेलों से संतुलन, गेंद नियंत्रण और समन्वय बेहतर होता है, जो मानसिक कार्यों को भी मदद करता है

- मानसिक स्वास्थ्य - शारीरिक गतिविधि से नकारात्मक भावनाएं कम होती हैं, और आत्मविश्वास बढ़ता है

-दीर्घकालिक प्रभाव - डिजिटल शारीरिक गेम्स से ध्यान में सुधार लंबे समय तक बना रहता है

कैसे चुनें और अपनाएं सही खेल

उम्र और क्षमता के अनुसार खेल चुनना जरूरी है। छोटे बच्चों (5-8 वर्ष) के लिए खुले खेल जैसे 'खो–खो', 'लुका–छिपी' या रंग-रूप वाली गतिविधियां (जैसे रंगों पर कूदना) उपयुक्त हैं। बड़े बच्चों (9-12 वर्ष) के लिए टीम गेम्स, दौड़-भाग, योग और समन्वय वाले खेल जैसे बैडमिंटन, फ़ुटबॉल, या कोऑर्डिनेटिव ड्रिल्स बेहतर हैं।

खेलों को मजेदार और विविध बनाएं ताकि बच्चे ख़ुद से जुड़ें। सप्ताह में कम से कम 3 दिन, 40-60 मिनट की गतिविधि शामिल करें, और धीरे-धीरे अवधि और तीव्रता बढ़ाएं।

सावधानियां और डॉक्टर से कब मिलें

शारीरिक गतिविधि से चोट का जोखिम कम होता है, लेकिन अचानक तीव्र व्यायाम से बचें, धीमे-धीमे शुरुआत करें। यदि बच्चे को ध्यान में बहुत अधिक समस्या, अत्यधिक बेचैनी, या कोई शारीरिक तकलीफ हो रही हो, तो पहले बाल रोग विशेषज्ञ या बाल मनोचिकित्सक से सलाह लें।

कहना होगा कि खेल बच्चों का ध्यान खींचने का एक प्राकृतिक और स्वस्थ तरीका है। खुले, समन्वय और डिजिटल-शारीरिक खेलों से न केवल ध्यान और मोटर कौशल में सुधार होता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक समझ भी मजबूत होती है। माता-पिता और शिक्षक मिलकर ऐसे खेलों को रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल करें। छोटे से शुरुआत करें, मजा बनाए रखें और धीरे-धीरे इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।