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डायबिटीज में सिर्फ मीठी चीजों से दूरी बनाना ही काफी नहीं है। रोज की थाली में क्या शामिल किया जा रहा है, कितनी मात्रा में खाया जा रहा है और कार्बोहाइड्रेट का स्रोत क्या है, इसका भी ब्लड शुगर पर असर पड़ता है। विशेषज्ञों की डाइट गाइडलाइंस में ज्यादा फाइबर वाले खाद्य पदार्थ, बिना स्टार्च वाली सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, साबुत फल, नट्स और बीजों को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाने की सलाह दी जाती है।
पालक, मेथी, लौकी, तोरई, भिंडी, फूलगोभी, पत्तागोभी और दूसरी बिना स्टार्च वाली सब्जियां डायबिटीज डाइट में उपयोगी विकल्प हो सकती हैं। इनमें फाइबर और कई पोषक तत्व होते हैं। ऐसी सब्जियों को तलने के बजाय कम तेल में पकाना ज्यादा बेहतर विकल्प है। विशेषज्ञ गाइडलाइंस भी गैर स्टार्च वाली सब्जियों को डाइट में शामिल करने पर जोर देती हैं।
डायबिटीज में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट की जगह ज्यादा फाइबर वाले साबुत अनाज लेना बेहतर माना जाता है। ओट्स, जौ, साबुत गेहूं, ब्राउन राइस और कुछ मिलेट्स को व्यक्ति की जरूरत और कुल कार्बोहाइड्रेट मात्रा के अनुसार डाइट में शामिल किया जा सकता है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की गाइडलाइंस में भी साबुत अनाज, मिलेट्स, दालों, बीन्स और ओट्स जैसे फाइबर वाले स्रोतों पर जोर दिया गया है।
चना, राजमा, मूंग, मसूर और दूसरी दालें डायबिटीज वाले लोगों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकती हैं। इनमें प्रोटीन और फाइबर दोनों मिलते हैं। इन्हें सब्जियों के साथ संतुलित मात्रा में लिया जा सकता है। आधुनिक डायबिटीज गाइडलाइंस भी दालों और अन्य लेग्यूम्स को स्वस्थ भोजन पैटर्न का हिस्सा मानती हैं।
डायबिटीज होने पर फल पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं होती। साबुत फल खाने को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि फलों के जूस से बचने की सलाह दी जाती है। साबुत फल में मौजूद फाइबर खाने के तरीके को बेहतर बनाता है और जूस की तुलना में पोषण का स्वरूप अलग रहता है। हालांकि फल की मात्रा व्यक्ति के ब्लड शुगर, दवाओं और डाइट प्लान के अनुसार तय होनी चाहिए।
बादाम, अखरोट, मूंगफली, अलसी और दूसरे बीजों में प्रोटीन, फाइबर और वसा के कुछ स्वस्थ स्रोत मिलते हैं। इन्हें बिना नमक और बिना चीनी वाले रूप में सीमित मात्रा में लिया जा सकता है। डायबिटीज के लिए पोषण संबंधी गाइडलाइंस नट्स और सीड्स को स्वस्थ खाने के पैटर्न का हिस्सा मानती हैं।
मीठे पेय, मिठाइयां, ज्यादा चीनी वाले खाद्य पदार्थ, रिफाइंड अनाज और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना जरूरी है। पानी को प्राथमिक पेय रखने की सलाह दी जाती है।
सबसे जरूरी बात यह है कि डायबिटीज के लिए कोई एक फूड या एक तय डाइट सभी लोगों पर समान तरीके से लागू नहीं होती। उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि, दवाओं, इंसुलिन और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों के आधार पर डाइट प्लान अलग हो सकता है। इसलिए लंबे समय तक ब्लड शुगर कंट्रोल रखने के लिए डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह के अनुसार भोजन की मात्रा और समय तय करना बेहतर है।
( डिस्क्लेमरः यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है और डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर और महत्वपूर्ण निर्णयों से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से संपर्क करें। )
Updated on:
16 Sept 2026 06:25 pm
Published on:
16 Sept 2026 06:25 pm
