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अगर कोई आपका आधार नंबर इस्तेमाल कर रहा हो तो कैसे पता करें? जानिए शिकायत की पूरी प्रक्रिया

How to check Aadhaar usage History क्या किसी ने आपके आधार नंबर का गलत इस्तेमाल किया है? जानिए UIDAI Authentication History देखने, बायोमेट्रिक डेटा लॉक करने और ऑनलाइन/ऑफलाइन शिकायत दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया।
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aadhaar card misuse complaint online

aadhaar card misuse complaint online : आधार का दुरुपयोग हो रहा है कैसे पता करें?

आधार आज भारत में सबसे महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेजों में से एक है। बैंक खाता खोलने, मोबाइल सिम लेने, सरकारी योजनाओं का लाभ पाने, आयकर से जुड़े काम करने और कई डिजिटल सेवाओं के लिए आधार का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि अगर कोई व्यक्ति आपके आधार नंबर का गलत इस्तेमाल कर रहा हो तो आपको इसकी जानकारी कैसे मिलेगी? क्या आधार के उपयोग का रिकॉर्ड देखा जा सकता है? और यदि दुरुपयोग का संदेह हो तो क्या कदम उठाने चाहिए?

UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने लोगों को अपने आधार के उपयोग पर नजर रखने के लिए कई सुविधाएं दी हैं। इनमें Authentication History देखने, बायोमेट्रिक डेटा लॉक करने और शिकायत दर्ज कराने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इनका सही उपयोग करके आधार के संभावित दुरुपयोग को काफी हद तक रोका जा सकता है।

Authentication History क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?

जब भी किसी सेवा के लिए आधार का उपयोग कर पहचान सत्यापन किया जाता है, तो उसे Authentication कहा जाता है। यह सत्यापन OTP, फिंगरप्रिंट, आइरिस स्कैन या जनसांख्यिकीय जानकारी (नाम, जन्मतिथि आदि) के आधार पर हो सकता है। UIDAI ऐसे सभी प्रमाणीकरण प्रयासों का रिकॉर्ड रखता है।

Authentication History एक ऐसी सुविधा है, जिसके जरिए आधार धारक यह देख सकता है कि उसके आधार नंबर का इस्तेमाल कब और किस प्रकार के प्रमाणीकरण के लिए किया गया। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि हाल के दिनों में आधार का उपयोग किन सेवाओं में हुआ और कोई संदिग्ध गतिविधि तो नहीं हुई।

यदि किसी व्यक्ति को ऐसा प्रमाणीकरण रिकॉर्ड दिखाई देता है जिसे उसने स्वयं अधिकृत नहीं किया है, तो यह आधार के संभावित दुरुपयोग का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में तुरंत जांच और सुरक्षा उपाय जरूरी हो जाते हैं।

कैसे पता करें कि आधार का इस्तेमाल कहां हुआ?

UIDAI की वेबसाइट पर उपलब्ध Authentication History सुविधा के माध्यम से कोई भी आधार धारक अपने रिकॉर्ड की जांच कर सकता है। इसके लिए आधार नंबर और पंजीकृत मोबाइल नंबर की आवश्यकता होती है।

प्रक्रिया काफी सरल है। UIDAI के पोर्टल पर जाकर My Aadhaar सेक्शन में Authentication History विकल्प चुनना होता है। इसके बाद आधार नंबर दर्ज कर OTP के जरिए सत्यापन किया जाता है। फिर निर्धारित अवधि के भीतर हुए प्रमाणीकरण रिकॉर्ड देखे जा सकते हैं।

इस रिकॉर्ड में आम तौर पर यह जानकारी दिखाई देती है:

  • प्रमाणीकरण की तारीख और समय
  • प्रमाणीकरण का प्रकार
  • प्रमाणीकरण सफल रहा या असफल
  • प्रमाणीकरण अनुरोध से जुड़ी तकनीकी जानकारी

यदि रिकॉर्ड में ऐसी कोई एंट्री दिखे जिसे आपने नहीं कराया है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

कौन से पता करें आधार का गलत इस्तेमाल हो रहा?

आधार के दुरुपयोग का संदेह कई परिस्थितियों में हो सकता है। उदाहरण के लिए यदि आपके मोबाइल पर बार-बार OTP आने लगें जबकि आपने कोई अनुरोध नहीं किया हो, या किसी बैंक, मोबाइल कंपनी या अन्य संस्था की ओर से आधार आधारित KYC का संदेश मिले जबकि आपने ऐसी कोई प्रक्रिया शुरू न की हो।

इसी तरह Authentication History में अज्ञात या संदिग्ध एंट्री दिखाई देना भी चेतावनी का संकेत हो सकता है। हालांकि हर असामान्य एंट्री का मतलब धोखाधड़ी नहीं होता, लेकिन ऐसी स्थिति में जांच करना जरूरी है।

Aadhaar Lock क्या है?

UIDAI आधार धारकों को अपने बायोमेट्रिक डेटा को लॉक करने की सुविधा देता है। इसका मतलब है कि आपके फिंगरप्रिंट और आइरिस डेटा का उपयोग तब तक नहीं किया जा सकेगा, जब तक आप स्वयं उसे अनलॉक न करें।

यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो अपने आधार की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतना चाहते हैं। यदि बायोमेट्रिक डेटा लॉक है, तो कोई भी व्यक्ति केवल आपके आधार नंबर के आधार पर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण नहीं करा सकेगा।

आज कई सेवाओं में फिंगरप्रिंट आधारित सत्यापन का उपयोग किया जाता है। इसलिए बायोमेट्रिक लॉकिंग संभावित दुरुपयोग के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय माना जाता है।

Aadhaar Lock और Unlock कैसे करें?

  • आधार के बायोमेट्रिक्स को UIDAI की वेबसाइट या mAadhaar मोबाइल ऐप के माध्यम से लॉक और अनलॉक किया जा सकता है।
  • वेबसाइट पर My Aadhaar सेक्शन में जाकर Lock/Unlock Biometrics विकल्प चुनना होता है। इसके बाद OTP आधारित सत्यापन पूरा करने पर बायोमेट्रिक्स लॉक किए जा सकते हैं।
  • mAadhaar ऐप में भी यही सुविधा उपलब्ध है। जरूरत पड़ने पर उपयोगकर्ता अस्थायी रूप से बायोमेट्रिक्स अनलॉक कर सकता है और काम पूरा होने के बाद दोबारा लॉक कर सकता है।

अगर आधार के गलत इस्तेमाल का शक हो तो क्या करें?

यदि आपको लगता है कि आपके आधार का दुरुपयोग हुआ है या होने की आशंका है, तो सबसे पहले Authentication History की जांच करें। इसके बाद तुरंत बायोमेट्रिक्स लॉक कर दें ताकि आगे किसी प्रकार का अनधिकृत उपयोग न हो सके।

इसके अलावा संबंधित संस्था, जैसे बैंक, मोबाइल कंपनी या अन्य सेवा प्रदाता से भी संपर्क करना चाहिए, जहां संदिग्ध गतिविधि हुई हो। कई मामलों में समय रहते शिकायत करने से नुकसान को रोका जा सकता है।

जरूरत पड़ने पर नजदीकी Aadhaar Seva Kendra में जाकर भी सहायता ली जा सकती है। वहां अधिकारी आधार से जुड़ी समस्याओं के समाधान में मदद कर सकते हैं।

शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया

UIDAI आधार से जुड़ी शिकायतों के लिए कई माध्यम उपलब्ध कराता है। उपयोगकर्ता ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं, हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं या ईमेल के जरिए भी अपनी समस्या बता सकते हैं।

  • शिकायत के प्रमुख माध्यम
  • UIDAI ऑनलाइन शिकायत पोर्टल
  • हेल्पलाइन नंबर 1947
  • ईमेल: help@uidai.gov.in
  • Aadhaar Seva Kendra

शिकायत दर्ज करने के बाद प्राप्त शिकायत संख्या को सुरक्षित रखना चाहिए ताकि भविष्य में उसकी स्थिति ट्रैक की जा सके।

आधार को सुरक्षित रखने के लिए क्या सावधानियां बरतें?

आधार की सुरक्षा केवल सरकारी व्यवस्था पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उपयोगकर्ता की सावधानी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। आधार कार्ड की फोटो या पीडीएफ अनावश्यक रूप से साझा करने से बचना चाहिए। सोशल मीडिया पर आधार नंबर सार्वजनिक करना भी जोखिम भरा हो सकता है।

समय-समय पर Authentication History की जांच करना एक अच्छी आदत हो सकती है। इसके अलावा यदि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का नियमित उपयोग नहीं करते हैं, तो बायोमेट्रिक्स को लॉक रखना अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान कर सकता है।