
सांकेतिक इमेज (Chatgpt)
मानसून के आखिरी दौर में उत्तर भारत के कई राज्य भारी बारिश और बाढ़ की चपेट में हैं। उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में लगातार बारिश से जन जीवन प्रभावित हुआ है, जबकि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक स्थिति और बिगड़ने की चेतावनी दी है।
उत्तराखंड में पिछले 3 दिनों से लगातार बारिश जारी है। बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में राज्य में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। नैनीताल में नैनी झील का जलस्तर 88 फीट के पार पहुंच गया, जिसके बाद प्रशासन को अतिरिक्त पानी निकालने के लिए चैनल खोलने पड़े। राज्यभर में 172 सड़कें बंद हैं और नैनीताल, बागेश्वर व देहरादून में ऑरेंज अलर्ट के बीच पांच जिलों में स्कूल-आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखे गए। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हल्द्वानी के चित्रशिला घाट पर अंतिम संस्कार के लिए लाए गए शव और जलती चिताएं तक गौला नदी के तेज बहाव में बह गईं और कुमाऊं मंडल में अकेले 141 सड़कें भूस्खलन व जलभराव से अवरुद्ध हो गईं।
मौसम विभाग के ताजा अलर्ट के अनुसार, आज यानी 3 सितंबर को देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना जताई गई है। IMD अलर्ट को देखते हुए अल्मोड़ा जिला प्रशासन ने सभी सरकारी-निजी स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने का आदेश जारी किया। पहाड़ों की लगातार बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है। ऊधम सिंह नगर में गौला, कोसी, दाबका, नंधौर और कैलाश नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है और तराई के कई खेत जलमग्न हो गए हैं।
बिहार में गंगा, पुनपुन समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बाढ़ की आशंका गहरा गई है। राजधानी पटना के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। भागलपुर में गंगा के कटाव के चलते करीब 100 साल पुराना दुर्गा मंदिर नदी में समा गया, जो कटाव की तीव्रता को दिखाता है।
रोहतास जिले के मांझर कुंड में तेज बहाव के बीच फंसे दो युवकों को करीब दो घंटे के रेस्क्यू अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। उत्तर बिहार में लगातार बारिश और नेपाल में हो रही वर्षा के चलते आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है, जिससे तटबंधों के आसपास रहने वाले लोगों में चिंता बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश में भी बारिश और बाढ़ ने हालात बिगाड़े हैं। उन्नाव में बारिश के बाद गंगा एक्सप्रेसवे पर करीब 7 फीट गहरा गड्ढा हो गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस मानसून सीजन में एक्सप्रेसवे धंसने की यह दूसरी घटना है, जिससे इस बहुप्रचारित एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। बलिया में करीब 20 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा राज्य में बारिश से जुड़ी अन्य दुर्घटनाओं में भी जान-माल का नुकसान सामने आया है। सीतापुर में तेज बारिश के दौरान दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हुई, जबकि गाजीपुर में गंगा में नहाते समय दो नाबालिग बालिकाएं बह गईं।
मध्य प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर बह रही है। रामघाट क्षेत्र की करीब 400 दुकानें और 20-25 होटल पानी में डूब गए हैं, और करीब 36 गांवों को अलर्ट पर रखा गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के चलते जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में भारी बारिश का दौर जारी है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास बना निम्न दबाव क्षेत्र अगले 12 घंटों में और मजबूत होकर दक्षिणी उत्तर प्रदेश व उत्तरी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से 3 से 8 सितंबर के बीच मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
Updated on:
03 Sept 2026 07:19 pm
Published on:
03 Sept 2026 07:19 pm
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