
सांकेतिक इमेज (सोर्स -Chatgpt)
बच्चों को आज के डिजिटल युग में ‘AI साक्षर’ बनाना सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यक कौशल बन चुका है। चाहे बच्चे स्कूल में हों या घर पर हों, AI उनके आसपास मौजूद है। आज के समय में AI का इस्तेमाल होमवर्क में सहायता करने, गेम्स, वीडियो या चैटबॉट्स के रूप में तेजी से हो रहा है। इसलिए अभिभावकों के पास एक ठोस टूलकिट होना चाहिए, जिससे वे बच्चों को समझदारी से AI के साथ जुड़ने में मदद कर सकें।
अध्ययन बताते हैं कि 7 से 13 वर्ष के बच्चों में AI साक्षरता विकसित करने में माता-पिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। शोध में पाया गया है कि माता-पिता अक्सर मार्गदर्शक, संरक्षक और अनुवादक की भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही बच्चों को AI की विशेषताओं, जैसे- यह कैसे देखता है? कैसे संवाद करता है और समाज पर इसका प्रभाव किस प्रकार हो रहा है?
वे ‘स्कैफोल्डिंग’ (बच्चों की समझ बढ़ाने के लिए धीरे-धीरे मार्गदर्शन) और संवाद के माध्यम से ध्यान केंद्रित करते हैं। यह भी देखा गया है कि कई परिवारों में माता-पिता स्वयं AI को समझने में असहज महसूस करते हैं। इसलिए माता-पिता बच्चों के साथ मिलकर सीखने को प्राथमिकता देते हैं। इसका अर्थ है कि माता-पिता को स्वयं भी AI के बारे में सीखना चाहिए, ताकि वे बच्चों को बेहतर मार्गदर्शन दे सकें।
बच्चों को AI समझाने के लिए रोजमर्रा की तुलना बहुत प्रभावी होती है। उदाहरण के लिए, एक विशेषज्ञ ने सुझाव दिया है कि छोटे बच्चों को यह समझाने के लिए कहा जा सकता है कि AI एक बहुत होशियार तोता है जो शब्द सुनता है, वही दोहराता है लेकिन वह समझता नहीं है। AI एक बहुत अच्छा अनुमान लगाने वाला यंत्र है। उसका अनुमान सही लग सकता है, लेकिन हमेशा सही नहीं होता है। बड़े बच्चों के लिए कहा जा सकता है कि AI पैटर्न सीखता है और अनुमान लगाता है कि आगे क्या आएगा? लेकिन यह सोचता या महसूस नहीं करता है।
AI साक्षरता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। AI से प्राप्त जानकारी पर प्रश्न करना। बच्चों को यह सीखना चाहिए कि जब कोई जानकारी उन्हें चौंकाए या परेशान करे, तो वे रुकें और जांचें। बच्चों को यह सोचना चाहिए कि यह उत्तर कहां से आया? किसने बनाया? क्या इसे कहीं और भी पाया जा सकता है? इसके अतिरिक्त, कुछ परिवारों में एक साझा कोडवर्ड या पारिवारिक योजना होती है। यदि कोई संदेश आपातकालीन लगे, तो बच्चे पहले माता-पिता से संपर्क करें। यह डिजिटल सुरक्षा का एक व्यावहारिक तरीका है।
UNICEF की रिपोर्ट बताती है कि विश्वभर में लगभग 50% बच्चे होमवर्क, सलाह या मनोरंजन के लिए AI का उपयोग कर रहे हैं। लेकिन कई बच्चों को AI के जोखिमों की जानकारी नहीं है। इसलिए परिवारों को AI साक्षरता और सुरक्षित AI सिस्टम की आवश्यकता है।
भारत में NCERT ने “Empowering Parents with AI, Phase‑III” नामक 4 दिवसीय YouTube लाइव सीरीज शुरू की थी, जो 27–30 जनवरी 2026 को आयोजित हुई। इसमें माता-पिता को AI क्या है? स्कूलों में इसका उपयोग कैसे होता है और घर पर बच्चों की सहायता कैसे कर सकते हैं? इन सभी विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया। इसमें AI के नैतिक पहलू, डेटा गोपनीयता, पक्षपात और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार पर भी चर्चा की गई। यह पहल माता-पिता को AI को समझने और बच्चों को संतुलित तरीके से AI का उपयोग सिखाने में सहायता करती है।
UNESCO ने मीडिया और सूचना साक्षरता को परिवारों के लिए एक आधारभूत कौशल बताया है। यह माता-पिता को AI-जनित सामग्री और गलत सूचना की पहचान करने, विश्वसनीयता जांचने और खुली बातचीत करने में सक्षम बनाता है।
Updated on:
31 Aug 2026 06:43 pm
Published on:
31 Aug 2026 06:43 pm
