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सितंबर से नवंबर में कश्मीर घूमने जा रहे हैं? इन चीजों के बिना अधूरी रह सकती है आपकी यात्रा

शरद ऋतु में कश्मीर घूमने का अनुभव बेहद खास हो सकता है। सितंबर से नवंबर के बीच घाटी में मौसम ठंडा और सुहावना रहता है और चिनार के पेड़ों का बदलता रंग आकर्षण बढ़ाता है।
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Adarsh Thakur

Sep 17, 2026

Kashmir Autumn Travel

सांकेतिक इमेजः ChatGPT

कश्मीर की खूबसूरती हर मौसम में अलग नजर आती है, लेकिन शरद ऋतु में घाटी का रंग कुछ खास हो जाता है। सितंबर से नवंबर के बीच चिनार के पेड़ों की पत्तियां पीले, सुनहरे और लाल रंग में बदलने लगती हैं। ठंडी सुबह, सुहानी दोपहर और सर्द शामें इस मौसम को घूमने के लिए आकर्षक बनाती हैं। श्रीनगर जिला प्रशासन भी सितंबर से नवंबर को शरद ऋतु बताते हुए इस दौरान मध्यम ऊनी कपड़े, गर्म जैकेट और आरामदायक जूते रखने की सलाह देता है।

लेकिन अगर आप कश्मीर जाने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ सुंदर जगहों की लिस्ट बनाना काफी नहीं है। सही सामान पैक करना भी जरूरी है। खासकर तब, जब आपकी यात्रा श्रीनगर के साथ गुलमर्ग या पहलगाम तक जाने वाली हो।

1. एक भारी जैकेट के बजाय रखें लेयर वाले कपड़े

कश्मीर में दिन और रात के तापमान में अंतर महसूस हो सकता है। इसलिए एक बहुत भारी जैकेट रखने के बजाय थर्मल, टी शर्ट या शर्ट, स्वेटर और फ्लीस जैकेट जैसी लेयर रखना ज्यादा उपयोगी है।

इसका फायदा यह है कि दोपहर में गर्मी महसूस होने पर एक लेयर हटाई जा सकती है और सुबह या शाम को अतिरिक्त कपड़े पहने जा सकते हैं।

2. आरामदायक जूते सबसे जरूरी

कश्मीर में घूमने के दौरान काफी पैदल चलना पड़ सकता है। इसलिए केवल फोटो के लिए अच्छे दिखने वाले जूते रखने के बजाय आरामदायक और अच्छी पकड़ वाले जूते रखें। गुलमर्ग और पहलगाम जैसे इलाकों में चलने के लिए मजबूत जूते ज्यादा काम आते हैं।

साथ में मोजों की एक अतिरिक्त जोड़ी रखना भी उपयोगी रहेगा।

3. धूप से बचाव को न भूलें

ठंड के मौसम में कई लोग सनस्क्रीन को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन पहाड़ी इलाकों में धूप तेज महसूस हो सकती है। इसलिए सनस्क्रीन, सनग्लास और लिप बाम जरूर रखें। जिला प्रशासन की पर्यटन गाइड भी सनस्क्रीन को जरूरी सामान में शामिल करती है।

4. बारिश के लिए छोटा इंतजाम रखें

शरद ऋतु में मौसम बदल सकता है। इसलिए बैग में छोटा छाता या हल्का रेन जैकेट रखना बेहतर है। इससे अचानक बारिश होने पर आपकी घूमने की योजना प्रभावित होने से बच सकती है।

5. पावर बैंक और जरूरी सामान साथ रखें

सुंदर घाटियों और चिनार के पेड़ों की तस्वीरें लेने में मोबाइल की बैटरी जल्दी खत्म हो सकती है। इसलिए पावर बैंक, चार्जिंग केबल और जरूरी इलेक्ट्रॉनिक सामान साथ रखें। एक छोटा डे बैग भी उपयोगी रहेगा, ताकि होटल से बाहर निकलते समय पूरा सामान साथ ले जाने की जरूरत न पड़े।

6. दवाएं और निजी जरूरत का सामान पहले रखें

अगर आप नियमित दवाएं लेते हैं तो उन्हें यात्रा के आखिरी समय पर पैक करने के बजाय पहले अलग रखें। सामान्य जरूरत की दवाएं, मॉइस्चराइजर, लिप बाम और व्यक्तिगत सामान भी साथ रखें।

7. ऊंचाई वाले इलाकों के लिए अलग तैयारी

श्रीनगर और गुलमर्ग या पहलगाम का मौसम एक जैसा नहीं हो सकता। ऊंचाई बढ़ने के साथ तापमान कम हो सकता है। इसलिए अगर यात्रा में पहाड़ी इलाके शामिल हैं तो एक अतिरिक्त गर्म लेयर जरूर रखें। मौसम और सड़क की मौजूदा स्थिति देखकर ही आगे की यात्रा की योजना बनाना बेहतर है। श्रीनगर जिला प्रशासन भी पहाड़ी इलाकों की यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति जांचने की सलाह देता है।

कश्मीर की शरद ऋतु में यात्रा का असली आनंद तभी लिया जा सकता है जब कपड़े मौसम के अनुसार हों और सामान जरूरत के हिसाब से पैक किया गया हो। भारी सामान भरने के बजाय लेयर वाले कपड़े, आरामदायक जूते, गर्म जैकेट, सनस्क्रीन, बारिश से बचाव का सामान और जरूरी इलेक्ट्रॉनिक्स साथ रखें। इससे सफर हल्का भी रहेगा और बदलते मौसम के लिए तैयारी भी पूरी रहेगी।