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कैसे पहचानें फर्जी कॉल और मैसेज? ये आसान टिप्स करेंगे मदद, ऑनलाइन ठगी से होगी सुरक्षा

एक साधारण कॉल या मैसेज आपको ठगी का शिकार बना सकता है। जानिए कैसे थोड़ी सतर्कता और सही जानकारी से आप खुद को साइबर ठगों से बचा सकते हैं।
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भारत

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Vinay Shakya

Aug 28, 2026

Online Fraud

सांकेतिक इमेज (सोर्स- gemini)

आज की डिजिटल दुनिया में हर दिन नए-नए तरीकों से साइबर ठग सक्रिय हो रहे हैं। एक साधारण कॉल या मैसेज भी आपके लिए भारी नुकसान का कारण बन सकता है। डिजिटल युग में ऑनलाइन ठगी के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। AI कॉल, फर्जी वेबसाइट, स्क्रीन शेयरिंग जैसे नए हथियार ठगों के पास हैं। थोड़ी सतर्कता और सही जानकारी से आप खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। इस खबर में कुछ तरीके बताए गए हैं, जो फर्जी कॉल और मैसेज को पहचानें में मदद कर सकते हैं।

फर्जी कॉल की पहचान के संकेत

यदि कॉल अचानक और बिना किसी पूर्व सूचना के आए, तो सतर्क हो जाएं। अधिकांश वैध संस्थाएं बिना अनुरोध के कॉल नहीं करतीं हैं।
अगर कॉल करने वाला डराने-धमकाने की भाषा में बात करे, जैसे- तुरंत कार्रवाई करें, वरना जुर्माना लगेगा तो यह स्कैम हो सकता है।
कॉल पर OTP, पासवर्ड, बैंक पिन या CVV जैसी संवेदनशील जानकारी मांगना। यह वैध संस्थाओं की नीति के विरुद्ध है।
अगर कॉल करने वाला स्वयं को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर “डिजिटल अरेस्ट” या “जमानत” की बात करे तो यह 100% स्कैम है।

फर्जी मैसेज या SMS की पहचान

यदि मैसेज में लिंक पर क्लिक करने को कहा जाए, विशेषकर संदिग्ध URL जैसे .xyz, .com (जबकि .gov.in होना चाहिए)—यह फिशिंग का संकेत हो सकता है। भ्रामक भाषा, वर्तनी या व्याकरण की गलतियां। अधिकांश स्कैम मैसेज में ये सामान्य होती हैं। लॉटरी जीत गए, बड़ी रकम वापस करें, KYC अपडेट करें, लालच भरे संदेश, सावधान रहें, ये अक्सर धोखाधड़ी के संकेत होते हैं। WhatsApp पर कोई अनजान व्यक्ति पैसे या जानकारी मांगता है, या किसी फीचर के लिए लिंक भेजता है तो यह संदिग्ध है।

नए तरीके: AI कॉल, स्क्रीन शेयरिंग और फायरबेस स्कैम

  • ठग अब AI की मदद से किसी परिचित की आवाज क्लोन कर कॉल कर सकते हैं- इससे पहचानना मुश्किल हो जाता है।
  • स्क्रीन शेयरिंग ऐप (जैसे AnyDesk, TeamViewer) इंस्टॉल करने को कहा जाए। यह खतरनाक हो सकता है, क्योंकि ठग आपके डिवाइस को नियंत्रित कर सकते हैं।
  • फायरबेस जैसे वैध प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर नकली बैंकिंग वेबसाइट बनाई जा रही हैं। जिनसे OTP, बैंक डिटेल्स चोरी हो सकते हैं।

सतर्कता के व्यावहारिक उपाय

  • कभी भी कॉल या मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें। पहले URL को ध्यान से जांचें।
  • कॉल की विश्वसनीयता जांचने के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या बिल पर दिए गए नंबर से ही संपर्क करें।
  • अपने बैंकिंग और महत्वपूर्ण ऐप्स में मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) लगाएं।
  • UPI और बैंक ट्रांजैक्शन अलर्ट हमेशा चालू रखें, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता चल सके।
  • Truecaller या स्पैम डिटेक्शन ऐप्स का उपयोग करें, ताकि स्कैम कॉल पहले ही पहचान में आ जाएं।

शिकायत और रिपोर्टिंग के तरीके

यदि आप ठगी के शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और रिपोर्ट दर्ज कराएं। टेलीकॉम विभाग का ‘चक्षु’ (Chakshu) पोर्टल भी फर्जी कॉल और मैसेज की शिकायत के लिए उपयोगी है। यहां स्क्रीनशॉट और जानकारी अपलोड कर सकते हैं। साथ ही, cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराना भी संभव है।

खतरे का संकेतसावधानी बरतें
अनपेक्षित कॉल/मैसेजआधिकारिक स्रोत से सत्यापित करें
संवेदनशील जानकारी की मांगकभी साझा न करें
संदिग्ध लिंक या URLक्लिक करने से पहले जांचें
AI कॉल या स्क्रीन शेयरिंगतुरंत बंद करें, ऐप न डाउनलोड करें
लालच भरे ऑफरभरोसा न करें, जांच करें