
Radio to ai journey of news Interesting story: AI Creative
Radio to ai journey of news: आपने अपने दादा-दादी से कभी सुना कि जब टीवी या स्मार्ट फोन नहीं थे, तब वे खबरे कैसे देखते थे? उनके जमाने में खबरें देखी नहीं, सिर्फ सुनी जाती थीं। लोगों को आज के मुख्य समाचार का इतना इंतजार रहता था, कि समय से पहले लोग अपने काम से फ्री होकर या काम छोड़कर रेडियो ऑन कर देते थे।
जिनके पास रेडियो भी नहीं थे, वे दूसरों के यहां जाकर बैठ जाते थे कि आज के मुख्य समाचार सुनने हैं, हमारे देश में और दुनिया में क्या-क्या हो रहा है। लेकिन तकनीकी युग में आज सबकुछ बदल गया है।
रेडियो के बाद टीवी आया, टीवी के बाद मोबाइल फोन और अब AI असिस्टेंट से खबरें सुनी जाती हैं। patrika.com के इस लेख में जानिए आज के मुख्य समाचार की रेडियो से लेकर AI असिस्टेंट तक की रोचक यात्रा का सफर।
1923 में बॉम्बे प्रेसिडेंसी रेडियो क्लब ने भारत में पहला रेडियो प्रसारण शुरू किया था, जो रेडियो के युग की शुरुआत थी। इसके बाद 23 जुलाई 1927 को इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी (IBC) ने बॉम्बे और 26 अगस्त 1927 को कोलकाता से पहले आधिकारिक न्यूज बुलेटिन प्रसारित किए।
IBC के दिवालिया होने के बाद 1 अप्रैल 1930 को सरकार ने इंडियन स्टेट ब्रॉडकास्टिंग सर्विस (ISBS) शुरू किया, जो मई 1932 में स्थायी रूप से स्थापित हुआ और 8 जून 1936 को इसका नाम बदलकर ऑल इंडिया रेडियो (AIR) रखा गया।
दिल्ली स्टेशन से पहला न्यूज बुलेटिन 19 जनवरी 1936 को प्रसारित हुआ, और इसके बाद 1 अगस्त 1937 को सेंट्रल न्यूज ऑर्गनाइजेशन (CNO) की स्थापना हुई, जिसका पहला न्यूज एडिटर चार्ल्स बार्न्स थे।
स्वतंत्रता के बाद AIR ने विस्तार किया और 1953 में लखनऊ और नागपुर से क्षेत्रीय न्यूज यूनिट्स शुरू हुईं। आज AIR 90 से अधिक भाषाओं में प्रतिदिन सैकड़ों न्यूज बुलेटिन प्रसारित करता है।
फरवरी 2026 में एक मीडिया ग्रुप ने अपना AI बेस्ड न्यूज एंकर पेश किया, जिसे भारत-जेन (BharatGen) के सहयोग से विकसित किया गया है। यह एंकर “AI सैंडविच” पद्धति पर काम करता है।
यानी खबर की शुरुआत और अंत में मानव संपादकीय हस्तक्षेप होता है, बीच में AI मदद करता है। इसके अलावा, मार्च 2023 में इसी ग्रुप ने एक और AI न्यूज एंकर लॉन्च किया था, जो कई भाषाओं में दैनिक अपडेट देता है।
भारत में कई ऐप्स AI की मदद से ऑडियो न्यूज उपलब्ध कराते हैं।
AI ने खबर सुनाने और लिखने की प्रक्रिया को तेज और सुविधाजनक बना दिया है, लेकिन यह पत्रकार की भूमिका को पूरी तरह खत्म नहीं करता। AI एंकर में भी शुरुआत और अंत में मानव संपादकीय हस्तक्षेप जरूरी है।
यानी खबर की विश्वसनीयता और संदर्भ बनाए रखने में इंसान की भूमिका बनी रहती है। AI ऐप्स जैसे TheReader.AI, Newspresso, Snipn, SmartReadGo और एक FM, सभी विश्वसनीय स्रोतों से खबर लेते हैं और उसे सुनने योग्य बनाते हैं। लेकिन खबर की चयन प्रक्रिया, सत्यापन और संदर्भ देने में पत्रकार की जिम्मेदारी बनी रहती है।
AI तकनीक ने खबर सुनने के तरीके को बदल दिया है। रेडियो से लेकर AI एंकर और ऑडियो ऐप्स तक। लेकिन पत्रकार की भूमिका खत्म नहीं हुई है। वह अब और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
AI तेजी से खबर पहुंचाता है, लेकिन पत्रकार उसे संदर्भ, सत्यापन और मानव स्पर्श देते हैं। आज पत्रकार AI को सहयोगी के रूप में अपनाएं, जहां AI खबर को तेज और सुलभ बना रहा है, वहीं पत्रकार उसे अर्थपूर्ण, भरोसेमंद और समझने योग्य बनाए रखें तो बेहतर वही है।
Updated on:
31 Aug 2026 09:50 am
Published on:
31 Aug 2026 09:50 am
