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जयपुर से जोधपुर तक राजस्थान के इन बाजारों में जरूर करें खरीदारी, जानें हर शहर की खासियत

क्या आपने कभी सोचा है कि राजस्थान के बाजारों में आपको क्या-क्या अनमोल चीजें मिल सकती हैं? पारंपरिक हस्तशिल्प से लेकर रंग-बिरंगे कपड़ों तक, हर गली में छिपा है एक अनोखा खजाना...चलिए, इस खरीदारी के सफर के बारे में जानते हैं।
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भारत

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Adarsh Thakur

Aug 21, 2026

Rajasthan Shopping Secrets

राजस्थान के शहरों में खरीदारी की खासियतें। (फोटोः एआई)

राजस्थान की यात्रा पर निकलने वाले हर यात्री के लिए स्थानीय बाजारों में खरीदारी एक यादगार अनुभव बन सकती है। रंग-बिरंगी वस्तुएं, पारंपरिक हस्तशिल्प, स्थानीय स्वाद और सांस्कृतिक गहराई, यहां सब कुछ एक ही स्थान पर मिल जाता है। आइए जानते हैं कुछ प्रमुख शहरों के बाजारों की खासियत और यात्रा के दौरान खरीदारी को और भी आसान व मजेदार बनाने के टिप्स।

जयपुर का बाजार

जयपुर के बाजार की हर गली में कुछ खास मिलता है। जोहरी बाजार में कुंदन और मीनाकारी आभूषणों की भरमार है, वहीं बापू बाजार और नेहरू बाजार ब्लॉक प्रिंटेड कपड़ों, सूती साड़ियों और जयपुरी रजाई के लिए प्रसिद्ध हैं। सिरह देओरी की गलियों में नीली मिट्टी की बर्तन कला (ब्लू पॉटरी) के सुंदर बर्तन मिलते हैं और मोजड़ी (पारंपरिक जूते) भी यहां आसानी से उपलब्ध हैं।

जोधपुर की बंधेज साड़ियां

जोधपुर में क्लॉक टावर मार्केट बंधेज साड़ियों और दुपट्टों के लिए जाना जाता है। उमेद भवन मार्केट में जोधपुरी जूती और कढ़ाई वाले कपड़े मिलते हैं, जबकि मेहरानगढ़ किले के आसपास की दुकानों में धातु की कलाकृतियां, लघुचित्र (मिनिएचर पेंटिंग्स) और प्राचीन वस्तुएं (एंटीक आइटम्स) मिलती हैं।

उदयपुर की पेंटिंग्स

उदयपुर का हठीपोल बाजार पिचवाई और लघुचित्र पेंटिंग्स, हस्तनिर्मित डायरी, पारंपरिक कठपुतलियां और रंगीन वॉल हैंगिंग्स के लिए जाना जाता है। वहीं बड़ा बाजार चांदी के गहनों, मीनाकारी कार्य और चमड़े के बैग के लिए उपयुक्त है।

जैसलमेर के सदर बाजार में कंबल, कालीन, साड़ियां, दर्पण कार्य (मिरर वर्क), कढ़ाई और हस्तशिल्प मिलते हैं। किले के भीतर के बाजार, भाटिया बाजार और अन्य स्थानों पर भी पारंपरिक वस्तुएं उपलब्ध हैं।

पुष्कर का बाजार भी खास है, यहां चमड़े के सामान, रंग-बिरंगे खिलौने, वस्त्र, मोतियों की माला, पेंटिंग्स और मिट्टी के बर्तन मिलते हैं। पुष्कर मेले के दौरान ये बाजार और भी जीवंत हो उठते हैं, जब पर्यटक और व्यापारी बड़ी संख्या में आते हैं।

बीकानेर में कंबल और ऊंट-चमड़े से बने जूते, कुर्सियां, कालीन, बैग, वॉलेट और लघुचित्र पेंटिंग्स मिलती हैं। कोट गेट और स्टेशन रोड जैसे बाजारों में ये वस्तुएं आसानी से उपलब्ध हैं।

कोटा की डोरिया साड़ियां

कोटा में कोटा डोरिया साड़ियां (कॉटन और सिल्क का मिश्रण) विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। इसके अलावा मिट्टी के बर्तन, पत्थर की शिल्पकला और अन्य हस्तशिल्प भी मिलते हैं।

शेखावाटी क्षेत्र में दीवारों पर बने भित्तिचित्रों (फ्रैस्को) की प्रतिकृतियां (कागज या कपड़े पर) और नक्काशीदार फर्नीचर जैसे कुर्सियां, मेज, झूले आदि मिलते हैं।

बाड़मेर में लकड़ी की नक्काशी, मिट्टी के बर्तन, ब्लॉक प्रिंटेड कपड़े, पारंपरिक दर्पण कार्य वाले वस्त्र और कालीन मिलते हैं। बाड़मेर महोत्सव के दौरान बाजार और भी रंगीन हो उठते हैं।

माउंट आबू के बंधेज कपड़े

माउंट आबू, राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन, खरीदारी के लिए भी खास है। नक्की झील मार्केट में बंधेज कपड़े, जयपुरी रजाई, हस्तनिर्मित गुड़िया, हैंडबैग, पेंटिंग्स और चमड़े के सामान मिलते हैं। इसके अलावा, खादी भंडार में पारंपरिक खादी वस्त्र, दर्पण कार्य, हैंडलूम और सुगंधित चंदन की वस्तुएं मिलती हैं। पिकैडिली प्लाजा में रजत और कांस्य की कलाकृतियां मिलती हैं, जबकि चाचा म्यूजियम में पीतल की कलाकृतियां, लकड़ी के आइटम और रंगीन रजाई मिलती हैं। सरकारी एम्पोरियम ‘राजस्थली’ में पारंपरिक हस्तशिल्प की विविधता उपलब्ध है। इसके अलावा तिब्बती मार्केट, धुंधई मार्केट और पोलो ग्राउंड मार्केट में भी स्थानीय हस्तशिल्प और स्मृति चिन्ह मिलते हैं।

खरीदारी के लिए सुझाव

सबसे पहले, हर शहर में यह जानना आवश्यक है कि कौन सा बाजार किस चीज के लिए प्रसिद्ध है, इससे समय और ऊर्जा दोनों की बचत होती है। उदाहरण के लिए, जयपुर में आभूषणों के लिए जोहरी बाजार, कपड़ों के लिए बापू/नेहरू बाजार और ब्लू पॉटरी के लिए सिरह देओरी जाना समझदारी है।

दूसरा, असली हस्तशिल्प पहचानने के लिए स्थानीय सरकारी बिक्री केंद्र (जैसे राजस्थली) और विश्वसनीय दुकानों का रुख करें, यहां कीमतें उचित होती हैं और सीधे कारीगरों को समर्थन मिलता है।

तीसरा, मोलभाव करना सीखें, यह राजस्थान की खरीदारी का आनंद है, लेकिन ध्यान रखें कि अत्यधिक दबाव या ऊंची कीमतों से बचें।

चौथा, खरीदारी के साथ-साथ स्थानीय स्वाद का भी आनंद लें, जैसे माउंट आबू में नक्की झील मार्केट के पास रबड़ी, सॉफ्टी आइसक्रीम और स्ट्रीट फूड का स्वाद लें।