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संभावना सेठ के जुड़वा सरोगेसी बच्चों की पहली झलक: बेटे का नाम ‘युगार्थ’ और बेटी का ‘ध्वजा’, शेयर की कई तस्वीरें

संभावना सेठ ने मातृत्व की जंग जीतकर अपने नन्हे फरिश्तों का स्वागत किया है, और उनके नए सफर की पहली झलक ने सबका दिल जीत लिया है!
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Ravi Gupta

Sep 16, 2026

sambhavna seth surrogacy

प्रतीकात्मक तस्वीर | sambhavna seth/Instagram

संभावना सेठ ने लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद सरोगेसी के जरिए जुड़वा बच्चों का स्वागत किया। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर बच्चों की पहली झलक साझा की है, जो उनके लिए एक भावुक पल है।

जुड़वा बच्चों का नामकरण समारोह

संभावना सेठ और उनके पति अविनाश द्विवेदी ने 4 जून 2026 को सरोगेसी के माध्यम से एक बेटे और एक बेटी का स्वागत किया था। जन्म के बाद छह दिनों तक अस्पताल में रहने के बाद बच्चों को घर लाया गया, जहां दादा-दादी और परिवार ने भावुक स्वागत किया। लगभग डेढ़ महीने बाद, 17–18 जुलाई 2026 को उन्होंने नामकरण संस्कार की झलक सोशल मीडिया पर साझा की, जिसमें सत्यनारायण पूजा भी शामिल थी। इस अवसर पर चांदी की थाली पर सोने की तार से नाम लिखे गए — बेटे का नाम ‘युगार्थ’ और बेटी का नाम ‘ध्वजा’ रखा गया। ‘युगार्थ’ का अर्थ है “एक नए युग की शुरुआत”, जबकि ‘ध्वजा’ का अर्थ “झंडा, पहचान या सम्मान का प्रतीक” है।

पहली झलक का खास पल

अब, 16 सितंबर 2026 को संभावना सेठ ने गणपति बप्पा के स्वागत के मौके पर बच्चों का चेहरा पहली बार दिखाया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर पारिवारिक फोटो साझा की, जिसमें वे और अविनाश दोनों बच्चों को गोद में लिए नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, “गणपति बप्पा मोरया। मिलिए हमारे नन्हे फरिश्तों से… ध्वजा और युगार्थ।” इस अवसर पर दादा-दादी भी बच्चों के साथ दिखाई दिए और प्रशंसकों ने खूब प्यार बरसाया।

आईवीएफ प्रयास, गर्भपात और निराशा

संभावना के सफर की गहराई संभावना सेठ ने अपने मातृत्व की यात्रा को प्रशंसकों के साथ बेहद ईमानदारी से साझा किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें कई बार आईवीएफ प्रयास, गर्भपात और निराशा का सामना करना पड़ा, लेकिन अंततः सरोगेसी के जरिए उन्हें मातृत्व का सुख मिला। इस भावुक सफर को उन्होंने यूट्यूब व्लॉग्स में भी साझा किया, जहां उन्होंने डिलीवरी रूम से लेकर बच्चों के घर आने तक के पलों को प्रशंसकों के साथ बांटा।

संभावना ने अपनी यात्रा को खुलकर साझा कर, आईवीएफ और सरोगेसी जैसे संवेदनशील विषयों पर खुली बातचीत को बढ़ावा दिया है। उनके द्वारा चुने गए नाम — ‘युगार्थ’ और ‘ध्वजा’ — इस नए अध्याय की शुरुआत और पहचान की भावना को दर्शाते हैं।

संभावना सेठ की यह कहानी दर्शाती है कि उम्मीद, संघर्ष और प्यार से भरा सफर कैसे एक नए जीवन की शुरुआत में बदल सकता है — और यह यात्रा अब एक नए, उज्ज्वल अध्याय की ओर बढ़ रही है।

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